ओसामा को गोली मारने वाला मुसीबत में

  • 15 फरवरी 2013
ओसामा बिन लादेन
ओसामा बिन लादेन को मई 2011 में पाकिस्तान के उनके घर में मार दिया गया था

जिस ओसामा बिन लादेन को अमरीका ने दुनिया का सबसे दुर्दांत आतंकवादी क़रार दिया था और जिसके सर पर 2.5 करोड़ डॉलर (लगभग 135 करोड़ रुपए) का ईनाम रखा था, उस ओसामा बिन लादेन के सिर पर गोली मारने वाले नेवी सील्स कमांडो को जीवन की मूलभूत सुविधाओं के बिना जीवन गुज़ारना पड़ रहा है.

अमरीका से प्रकाशित होने वाली पत्रिका 'एस्क्वायर' के अनुसार इस पूर्व कमांडो न तो पेंशन मिल रही है, न उसके पास कोई स्वास्थ्य बीमा है और न उसके परिवार की सुरक्षा के लिए कोई इंतज़ाम किया गया है.

इस पत्रिका से हुई लंबी बातचीत में बताया गया है कि किस तरह रिटायर होने के फ़ैसले के बाद उसे सहायता के तौर पर अपनी पहचान छिपाकर एक बीयर ट्रक के ड्राइवर बन जाने का प्रस्ताव दिया गया था.

हालांकि पूर्व कमांडो की इस दयनीय हालात का विवरण प्रकाशित होने के बाद सरकार और नीतिगत मामलों के जानकार लोगों ने उनके इस दावे का खंडन किया है. उनका कहना है कि नियमों के तहत अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में तैनात हर सैनिक को रिटायर होने के बाद पाँच साल तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है.

लेकिन 'एस्क्वायर' पत्रिका ने कहा है कि वह अपनी ख़बर पर क़ायम है और जो कुछ पूर्व कमांडो ने कहा है वह उसे सच मानती है.

गुमनामी में चले जाना चाहते हैं

जब ओसामा बिन लादेन को मारा गया था उसके बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस नेवी सील्स के दस्ते एसटी6 को 'सर्वोत्तम से भी उत्तम' बताया था और उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने 'विश्व इतिहास के सर्वश्रेष्ठ लड़ाके' कहा था.

लेकिन उसी सरकार ने एक तरह से इस दल के उस व्यक्ति को भुला दिया, जिसने ओसामा बिन लादेन को गोली मारी थी.

इस कमांडो ने पत्रिका को बताया है कि किस तरह ओसामा ने अपनी सबसे छोटी पत्नी को सामने कर रखा था और उसी की वजह से उन्हें नियमों के विपरीत थोड़ा ऊपर निशाना लेना पड़ा और सिर पर गोली मारनी पड़ी.

वे बताते हैं कि उन्हें ये भी आशंका थी कि कहीं उनकी पत्नी के शरीर में विस्फोटक न बंधा हो.

'एस्क्वायर' पत्रिका के मार्च के अंक में पत्रकार फ़िल ब्रॉस्टीन ने विवरण दिया है कि इस पूर्व कमांडो ने अपने एक साथी मैट बिसोनेट की तरह पुस्तक (नो ईज़ी डे) न लिखने का फ़ैसला किया और तय किया कि वह नियमों के तहत अपने राज़ अपने सीने में ही दफ़न करके रखेगा.

लेकिन सरकार की ओर से उन्हें जो मिला उससे वो तकलीफ़ में हैं.

उन्हें अपने बच्चों को ये सिखाना पड़ा कि वे ओसामा बिन लादेन का नाम तक न लें और अपनी पत्नी को बंदूक चलाने से लेकर चाकू से आत्मरक्षा करने के तरीक़े तक सिखाने पड़े.

उन्होंने अपने परिवार को बाथटब में छिपना सिखाया है क्योंकि उन्हें आशंका है कि उन पर कभी भी हमला किया जा सकता है.

वे बताते हैं कि किस तरह उन्होंने अपने घर में हर वक़्त दो हफ़्तों तक छिपकर रहने का इंतज़ाम कर रखा है.

उनकी पत्नी बताती हैं, "हम अपना नाम बदलने पर विचार कर रहे हैं. हम बच्चों का नाम बदल देंगे. पति का नेमप्लेट घर से सामने से हटा देंगे, अपनी कार बेच देंगे. मैं अपने पति का नाम अपने जीवन से हटा देना चाहती हूँ. लेकिन सिर्फ़ सुरक्षा की वजह से. हम अब भी एक दूसरे से प्यार करते हैं."

पत्रिका का कहना है कि हालांकि दोनों के बीच अधिकृत रूप से तलाक हो चुका है क्योंकि सील्स के लिए शादी जोख़िम भरी हो सकती है. लेकिन दोनों एक ही घर में रहते हैं और एक दूसरे से प्यार करते हैं.

क्या है विकल्प?

नेवी सील्स के पूर्व कमांडो ने बताया कि 9/11 के बाद से वे लगभग अपने परिवार से दूर ही रहे हैं.

उनका कहना है कि रिटायर होने के बाद जब उन्होंने सुरक्षा का सवाल उठाया तो उनसे कहा गया कि वे अमरीका में सरकारी गवाहों को दी जाने वाली सुरक्षा उन्हें मुहैया करवा सकते हैं.

वे बताते हैं कि थोड़े समय बाद रक्षा विभाग उनके पास एक प्रस्ताव के साथ आया.

उनका कहना है, "उन्होंने (नेवी सील्स प्रबंधन ने) मुझे बताया कि वे मेरी पहचान छिपाते हुए बीयर ट्रक ड्राइवर की नौकरी दिलवा सकते हैं. किसी माफ़िया तंत्र में काम करने वाले मुख़बरों की तरह, वो अपने परिवार और मित्रों से संपर्क नहीं कर सकेंगे. हम सब कुछ खो देंगे."

नेवी सील्स को प्रशिक्षण देने वाले एक अधिकारी का कहना है कि इन कमांडो के शिक्षण और प्रशिक्षण में लाखों डॉलर खर्च किए जाते हैं और उसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए.

लेकिन रिटायर होने के बाद उनके पास कम ही विकल्प होते हैं जिनमें से एक होता है व्यक्तिगत सुरक्षा का काम करना.

लेकिन कई पूर्व कमांडो, जिनमें ओसामा को मारने वाले कमांडो शामिल हैं, अब पेशे के रूप में बंदूक नहीं उठाना चाहते.

ये अधिकारी याद करते हैं कि किस तरह बेनग़ाज़ी में पिछले दिनों दो निजी सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. वे भी पूर्व कमांडो थे.