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ब्राज़ील हादसा: फेसबुक, ट्विटर पर मदद की गुहार

 मंगलवार, 29 जनवरी, 2013 को 05:47 IST तक के समाचार

क्लब में आग में फंसे कई लोगों ने फेसबुक और ट्विटर के ज़रिए मदद की गुहार की थी.

पूरे देश में इस हादसे को लेकर दुख का माहौल और लोगों में आक्रोश भी है.

सोमवार को राजधानी ब्रासिलिया में फ़ुटबॉल विश्वकप 2014 की उल्टी गिनती शुरु होनी थी और इस सिलसिले में फ़ीफ़ा के बड़े अधिकारी भी यहां मौजूद हैं. एक बड़ा जलसा होने वाला था लेकिन उसे रद्द कर दिया गया है. अगले महीने कार्निवल होने वाला है और उसकी तैयारियां चल रही थीं.

लोग इस बात से भी चिंतित हैं कि ये ब्राज़ील की छवि के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि हो सकता है ऐसे भी सवाल उठाए जाएं कि ब्राज़ील ओलंपिक या वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों के लिए तैयार नहीं है.

सोशलमीडिया पर मदद की गुहार

हादसे में मरने वाले ज़्यादातर किशोर थे. मेडिकल की एक 20-वर्षीय छात्रा ने आग लगने पर मोबाइल फ़ोन से अपने फेसबुक पन्ने पर लिखा, "किस (क्लब का नाम) में आग लग गई है, कृपया मदद कीजिए." उसके बाद उसके परिवार और दोस्तों ने फेसबुक के ज़रिए उससे बात करना शुरु किया.

काफ़ी लोग क्लब से अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट के ज़रिए मदद मांग रहे थे लेकिन कुछ देर बाद वहां से संदेश आना बंद हो गए. ये मेडिकल की छात्रा अपनी बहन और अपने बॉयफ्रेंड के साथ गई थी लेकिन कोई भी वापिस नहीं आया.

भ्रष्टाचार का मामला?

"किस (क्लब का नाम) में आग लग गई है, कृपया मदद कीजिए."

नाइटक्लब में फंसी एक लड़की की फेसबुक पर गुहार

'किस' नाम के जिस क्लब में ये हादसा हुआ है उसका आग से सुरक्षा के प्रमाणपत्र की समयसीमा ख़त्म हो चुकी थी. क्लब में 1000 लोगों के लायक ही जगह थी हादसे के वक्त वहां 2,000 लोग जमा थे.

बाहर निकलने के रास्ते भी कम थे और मुख्य दरवाज़ा भी बंद था जिसकी वजह से घटना हुई. इन सब चीज़ों की जानकारी रखना स्थानीय प्रशासन का काम होता है.

साफ़ है कि भ्रष्टाचार का मामला है क्योंकि शहर के बीचो-बीच इतना बड़ा क्लब चल रहा था और सुरक्षा के नियम-क़ानूनों का उल्लंघन हुआ है तो ज़ाहिर सी बात है कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला होगा.

कई केंद्रीय मंत्री भी सांता मारिया में हैं. हालांकि ब्राज़ील में संघीय ढांचा है और इस तरह के हादसों से निपटने की स्थानीय प्रशासन की ज़िम्मेदारी होती है लेकिन केंद्र सरकार ने काफ़ी तेज़ी से काम किया है.

(शोभन सक्सेना, टाइम्स ऑफ़ इंडिया के ब्राज़ील के शहर साओ पाओलो-स्थित पत्रकार हैं)

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