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'पश्चिम की कठपुतली' हैं विद्रोही :असद

 सोमवार, 7 जनवरी, 2013 को 01:45 IST तक के समाचार
बशर अल असद

राष्ट्रपति असद ने विपक्ष पर अपने तेवर तीखे कर लिए हैं

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने अपने सियासी विरोधियों को आड़े हाथों लिया और उन्हें खुदा का दुश्मन और पश्चिम की कठपुतली करार दिया है.

गृह युद्ध में हताहत लोगों पर अफसोस जताते हुए राष्ट्रपति असद ने कहा कि हर तरफ दुख और दर्द का आलम है.

पिछले जून के बाद अपने पहले सार्वजनिक भाषण में उन्होंने नेशनल चार्टर पर जनमत संग्रह कराने की बात कही और राष्ट्रीय वार्ता के लिए एक सम्मेलन बुलाने की योजना का जिक्र भी किया.

इस बीच विपक्ष ने राष्ट्रपति के भाषण को तुरंत खारिज किया. एक प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति हर उस अंतरराष्ट्रीय सहमति को असफल करना चाहते थे जिससे उन्हें सत्ता हाथ से निकल जाने का डर था.

अमरीका ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के शांति प्रस्ताव को उनके सत्ता में बने रहने की एक ओर कोशिश कहकर खारिज कर दिया है. अमरीकी विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलांड ने कहा कि राष्ट्रपति असद के प्रशासन ने सारी वैधता खो दी है और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए.

तुर्की के विदेश मंत्री अहमत देवुतोग्लू का कहना है कि राष्ट्रपति ने कोरे वायदों के अलावा कुछ नहीं किया है.

यहीं बात ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी कहा सीरिया में हो रही हिंसा का कारण राष्ट्रपति ही है.

यूरोपीय संघ ने अपनी बात दोहराते हुए कहा है कि वहां सत्ता हस्तांतरण होने देने के लिए राष्ट्रपति को पद छोड़ देना चाहिए.

कठपुतली

संयुक्त राष्ट्र संघ ने अनुमान लगाया है कि वर्ष 2011 के मार्च में शुरू हुए विद्रोह के बाद 60 हज़ार से भी ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

राष्ट्रपति असद ने सीरिया के विपक्षी आंदोलन को खारिज करते हुए उन्हें पश्चिमी ताकतों की कठपुलती बताया.

उन्होंने कहा कि सीरिया उनके मालिकों के साथ बातचीत करना चाहता था न कि नौकरों के साथ.

असद ने कहा कि सीरिया ने कूटनयिक कोशिशों से इंकार नहीं किया है लेकिन चरमपंथी विचारों वाले लोगों के साथ बातचीत नहीं की जाएगी.

तीखे तेवर

"ये वो लोग हैं जो सीरिया को टुकड़ों में बांटना और कमजोर करना चाहते हैं लेकिन सीरिया मजबूत है... और संप्रभु रहेगा... और यह बात पश्चिम को परेशान करती है"

बशर अल असद, सीरिया के राष्ट्रपति

राष्ट्रपति असद ने कहा, ''ये वो लोग हैं जो सीरिया को टुकड़ों में बांटना और कमजोर करना चाहते हैं लेकिन सीरिया मजबूत है... और संप्रभु रहेगा... और यह बात पश्चिम को परेशान करती है.''

असद ने कहा, ''मेरा विरोध किया जाना कोई क्रांति नहीं है''.

असद ने अपने विद्रोहियों पर लोगों का गेहूं चुराने, बच्चों को स्कूल से दूर रखने और बिजली व मेडिकल सुविधाओं में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया साथ ही उन्होंने जनता से आहवान किया कि वे अपनी क्षमता अनुसार देश का बचाव करें.

नवंबर में राष्ट्रपति असद ने रूसी टीवी पर कहा था कि सीरिया में ही जिउंगा और मरूंगा.

असद के भाषण से कुछ समय पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने बीबीसी को बताया कि राष्ट्रपति असद को अपने पद से हटना होगा. उनके हाथ खून से रंगे हुए हैं.

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