सैमसंग और एरिक्सन में पेटेंट की लड़ाई

  • 27 दिसंबर 2012
सैमसंग
नोकिया और ऐपल भी पेटेंट अधिकारों के उल्लंघन मामले में कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अमरीका में एरिक्सन के कुछ उत्पादों की बिक्री और निर्यात पर रोक लगाने की मांग की है.

कंपनी का दावा है कि एरिक्सन ने उसके पेटेंट अधिकारों का हनन किया है.

अमरीका के इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन के समक्ष दायर शिकायत में सैमसंग ने कहा है कि एरिक्सन ने उसके सात पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन किया है.

सैमसंग की शिकायत को जवाबी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि एरिक्सन ने इसी साल नवंबर में आईटीसी से सैमसंग के कुछ उत्पादों की बिक्री पर ऐसी ही रोक लगाए जाने की मांग की थी.

तब एरिक्सन ने सैमसंग पर अपने पेटेंट अधिकारों के उल्लंघन का भी दावा किया था.

बातचीत विफल

स्वीडन की कंपनी एरिक्सन ने दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग के साथ तकनीकी साझेदारी का करार किया था. करार के तहत सैमसंग को अपने उत्पादों में एरिक्सन की तकनीक के इस्तेमाल की इज़ाजत थी. इस तकनीक पर एरिक्सन को पेटेंट अधिकार हासिल था.

हालांकि लगभग दो साल की बातचीत के बावज़ूद भी दोनों कंपनियां समझौते को नये सिरे से शुरू करने में नाकाम रहीं.

एरिक्सन का दावा है कि सैमसंग पेटेंट का लाइसेंस शुल्क कम करना चाहता था. इस पर सैमसंग ने कहा कि एरिक्सन ने जो रकम मांगी, वह बहुत ज्यादा है.

सैमसंग ने एक बयान में कहा है, ''हमने अच्छी नीयत के साथ एरिक्सन के साथ बातचीत करनी चाही. एरिक्सन ने गैर-वाज़िब मांगें रखकर यह जताया कि वह बातचीत को लेकर इच्छुक नहीं है. ऐसे हालात में हमारे पास अपनी कंपनी के हितों के बचाव में जरूरी कदम उठाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है.''

पेटेंट की साझेदारी

एरिक्सन
लाइसेंस करार के टूटने के बाद विवाद में एरिक्सन

एरिक्सन दूरसंचार क्षेत्र में दुनिया की उन शुरुआती कंपनियों में से है जिसके पास रोज़मर्रा के वैश्विक संचार में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों के कई हज़ार पेटेंट हैं.

इनमें कुछ ऐसी तकनीक भी हैं जिन पर सैमसंग जैसी दूसरी कंपनियों के उत्पाद आधारित हैं.

तकनीकों के पेटेंट अधिकार रखने वाली कंपनियां, दूसरे उत्पादकों के साथ तकनीकी साझेदारी का करार करती हैं.

पेटेंट-धारक कंपनी लाइसेंस के जरिए दूसरे उत्पादकों को वाज़िब और भेदभाव रहित शर्तों के साथ अपने पेटेंट अधिकारों के इस्तेमाल की इज़ाजत देती हैं.

राजस्व का मुद्दा

तकनीक का इस्तेमाल करने वाली कंपनी इसके पेटेंट धारक को बदले में शुल्क का भुगतान करती हैं.

एरिक्सन ने पिछले वर्ष 100 से ज्यादा लाइसेंस समझौतों से पाँच हज़ार करोड़ रुपए से भी अधिक का राजस्व कमाया था.

हालांकि तेज़ प्रतिस्पर्धा की वज़ह से कंपनियों ने अपने पेटेंट अधिकारों और राजस्व को लेकर अधिक सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं.

इसी महीने यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा-नियामकों ने सैमसंग पर अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी ऐपल के साथ लाइसेंस-शुल्क पर बातचीत की कोशिशों के दौरान पेटेंट को लेकर अपनी स्थिति के दुरुपयोग का आरोप लगाया था.

इस बीच नोकिया और ऐपल भी पेटेंट अधिकारों के उल्लंघन को लेकर अपने प्रतिद्वंद्वियों से कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं.