ओसामा बिन लादेन पर बनी फ़िल्म 'ग़लत'

 शनिवार, 22 दिसंबर, 2012 को 19:48 IST तक के समाचार
अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन

अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन, एक अमरीकी अभियान में मारे गए थे.

ओसामा बिन लादेन की खोज के बारे में एक नई फ़िल्म को 'ग़लत' बताया गया है क्योंकि उसमें ऐसे संकेत हैं कि यातना की वजह से बिन लादेन को ढूंढने में मदद मिली थी.

ये उन तीन अमरीकी सांसदों का कहना है जिन्होंने सोनी पिक्चर्स एंटरटेंमेंट के प्रमुख को एक पत्र लिखकर कंपनी के बैनर तले बनी फ़िल्म ज़ीरो डार्क थर्टी पर अपनी आपत्ति ज़ाहिर की है.

इस पत्र में दावा किया गया है कि निर्देशक कैथरिन बिगलो की फ़िल्म 'उस मिथक को बढ़ावा देती है जिसके मुताबिक़ यातना काम करती है.'

एक वक्तव्य में कैथरिन बिगलो ने कहा है कि उनकी फ़िल्म 'कई विवादित प्रथाओं और खुफ़िया तरीक़ों' को दर्शाती है.

बिगलो और फ़िल्म के पटकथा लेखक मार्क बॉयल के मुताबिक़ ऐसा नहीं कहा जा सकता कि अल-क़ायदा नेता बिन लादेन की सफलतापूर्वक खोज किसी एक तरीक़े की वजह से ही हो पाई.

आपत्ति

अमरीकी सीनेटर, डाएन फ़ाइनस्टेन, कार्ल लेविन और राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार जॉन मैक्केन द्वारा लिखा गया पत्र बुधवार को सार्वजनिक किया गया.

"ऐसा नहीं कहा जा सकता कि अल-क़ायदा नेता बिन लादेन की सफलतापूर्वक खोज किसी एक तरीके की वजह से ही हो पाई."

कैथरिन बिगलो, निर्देशक, ज़ीरो डार्क थर्टी

ये तीनों ही सीनेट की ख़ुफ़िया मामलों की समिति के सदस्य हैं और इनका कहना था कि फ़िल्म कंपनी सोनी और उसके मुख्य कार्यकारी माइकल लिंटन का कर्तव्य है कि वो फ़िल्म में बदलाव करें.

इन तीनों ने लिखा, "मूल समस्या ये है कि जो लोग ज़ीरो डार्क थर्टी देखेंगे, वो इसमें दिखाई गई घटनाओं को सही मानेंगे. इसलिए इस फ़िल्म में ग़लत तरीक़े से अमरीकी लोगों की राय प्रभावित करने की क्षमता है."

पत्र में आगे लिखा है, "आंतकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में यातना के इस्तेमाल से अमरीकी मूल्यों और अमरीका की साख को भारी नुक़्सान हुआ जिसे न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता और न ही मिटाया जा सकता है."

इन सांसदों के मुताबिक़ फ़िल्म के निर्माताओं की "सामाजिक और नैतिक ज़िम्मेदारी थी कि वे अपने तथ्यों की पुष्टि करें."

इस साल की शुरुआत में कैथरिन बिगलो की फ़िल्म पर प्रचार हथियार होने के आरोप लगे थे जिसके इस्तेमाल से राष्ट्रपति ओबामा के चुनाव अभियान में मदद मिली सकती थी. इसके बाद फ़िल्म की रिलीज़ चुनाव के बाद तक के लिए टाल दी गई थी.

ज़ीरो डार्क थर्टी, ब्रिटने में अगले वर्ष 25 जनवरी को रिलीज़ हो रही है. फ़िल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग भारत में चंडीगढ़ में भी हुई थी.

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