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अमरीकी स्कूल में चली गोलियाँ, 26 की मौत

 शनिवार, 15 दिसंबर, 2012 को 10:11 IST तक के समाचार
स्कूल में गोलीबारी

मारे गए बच्चों के परिजन फूट-फूट कर रो पड़े

अमरीका के पूर्वोत्तर प्रांत कनेक्टीकट के एक प्राइमरी स्कूल में एक बंदूकधारी की गोलीबारी में 26 लोग मारे गए हैं, जिनमें 20 बच्चे हैं.

ये गोलीबारी न्यूटाउन के सैंडी हुक एलिमेन्टरी स्कूल में हुई. अमरीका के इतिहास में इसे अब तक के सबसे बड़ी सामूहिक हत्याओं में से एक माना जा रहा है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ उन्होंने सैंकड़ों राउंड्स गोलियों की आवाज़ें सुनी और डर कर भागते बच्चों को देखा. पुलिस का कहना है कि बंदूकधारी भी मारा गया है.

साथ ही पास से एक और शव बरामद हुआ है और माना जा रहा है कि इसका भी संबंध बंदूकधारी से था.

क्लिक करें तस्वीरों में: अमरीकी स्कूल में गोलीबारी

हमलावर सिर्फ़ 20 वर्ष का था और माना जा रहा है कि उसने उस कक्षा को निशाना बनाया, जहाँ उसकी माँ शिक्षक थी. मारे गए लोगों में हमलावर की माँ भी शामिल हैं.

इस स्कूल में पाँच से 10 वर्ष तक के बच्चे पढ़ते हैं. पुलिस का कहना है कि उन्हें स्कूल में दुखद और भयानक दृश्यों का सामना करना पड़ा है.

दुखी ओबामा

व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि इस घटना से देश को काफ़ी धक्का लगा है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क़दम उठाने पड़ेंगे.

ओबामा की पीड़ा

ओबामा

हमारा दिल मारे गए बच्चों के मां-बाप, उनके दादा-दादी, उनके भाई बहनों के के लिए टूट गया है. बाकी बच्चों के लिए भी हम शोक व्यक्त करते हैं कि समय से पहले उनका बचपन छिन गया. इन लोगों का दर्द कुछ भी कहने से कम नहीं हो सकता.

बार-बार अपने आँसुओं को पोंछते नज़र आ रहे ओबामा ने कहा कि इस घटना से देश के हर माता-पिता उनकी तरह दुखी होंगे.

उन्होंने कहा कि मारे गए कई बच्चों की उम्र 10 से भी कम थी, जिनके सामने पूरी ज़िंदगी पड़ी थी. लेकिन ये ज़िंदगी उनसे छीन ली गई.

ओबामा ने कहा, "हमारा दिल मारे गए बच्चों के मां-बाप, उनके दादा-दादी, उनके भाई बहनों के के लिए टूट गया है. बाकी बच्चों के लिए भी हम शोक व्यक्त करते हैं कि समय से पहले उनका बचपन छिन गया. इन लोगों का दर्द कुछ भी कहने से कम नहीं हो सकता."

कनेक्टीकट की इस घटना से एक बार फिर अमरीका में बंदूक रखने के क़ानून पर बहस शुरू हो जाएगी. डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सांसद जेरोल्ड नैडलर ने कहा कि अगर इस समय बंदूकों के नियंत्रण पर गंभीर चर्चा नहीं हुआ, तो उन्हें नहीं पता कि वो समय कब आएगा.

लेकिन अमरीका में इस क़ानून को सख़्त बनाना काफ़ी विवादित विषय रहा है, क्योंकि यहाँ हथियार रखने का अधिकार संविधान में लिखा हुआ है.

अमरीका के कई राष्ट्रपतियों ने नियंत्रण को और कड़ा करने के दबाव का विरोध भी किया. पाँच साल पहले वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी में एक छात्र ने 32 लोगों की हत्या कर दी थी.

इसी साल जुलाई में ऑरोरा कोलोरैडो के एक सिनेमाघर में एक बंदूकधारी ने 12 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी. इस गोलीबारी में 58 लोग घायल हुए थे.

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