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ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 'उत्पीड़न' के लिए माफी मांगी

 सोमवार, 26 नवंबर, 2012 को 23:56 IST तक के समाचार
ऑस्ट्रेलियाई फौज

ऑस्ट्रेलिया में फौज के सैनिकों के साथ उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने फौज में तैनात उन सैनिकों से माफी मांगी है जिनके साथ वहां दुर्व्यवहार किया गया है.

सरकार की तरफ से ये माफीनामा तब आया जब एक जांच में दुर्व्यवहार के आरोपों को सही पाया गया है.

रक्षामंत्री स्टीफन स्मिथ ने संसद को दिए गए बयान में कहा है कि इस तरह के शारीरिक, मानसिक और यौन दुर्वयव्हार आगे ना हों, इसके लिए कड़े उपाय किए जाएंगे.

जांच के दौरान 1950 से लेकर अब तक हुए एक हज़ार से ज्य़ादा दुर्व्यवहार के मामले सामने आए.

इस जांच का आदेश साल 2011 में फौज में हुए एक सेक्स स्कैंडल के बाद दिया गया था.

अमान्य व्यवहार

ये जांच कानून व्यवस्था से जुड़े कामकाज को देखने वाली संस्था डीएलए पाइपर ने सरकार के लिए किया था.

डीएलए ने अपने जांच रिपोर्ट में पिछले छह दशक के दौरान एडीएफ यानि ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स में महिला एवं पुरुष सैनिकों के साथ हुए दुर्व्यवहार के कई मामलों का ज़िक्र किया है.

जांच के दौरान एक हज़ार से भी ज्य़ादा लोगों ने दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे. जिनमें से 775 लोगों के आरोप उपयुक्त दायरे में आते हैं.

रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने अपने वक्तव्य में कहा, ''इनमें दुर्व्यवहार के ज्य़ादातर आरोप ठीक पाए गए.''

इन आरोपों में 1990 के दौरान किए गए 24 बलात्कार के मामले भी शामिल थे. इसके अलावा 1960-70 के दशक में पश्चिम ऑस्ट्रेलिया स्थित नौसेना के ट्रेनिंग बेस में किशोर लड़कों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों का भी ज़िक्र था.

"जिस संख्या में ये मामले सामने आए हैं उससे ये पता चलता है कि एडीएफ के कई अफसर अपने पद के साथ आने वाली ज़िम्मेदारी को समझने में नाकाम रहे हैं. उन्हें ये समझना चाहिए फौज में उंचा रैंक मिलना एक विशेषाधिकार है ना कि किसी को प्रताड़ित करने का लाइसेंस."

स्टीफन स्मिथ, रक्षा मंत्री, ऑस्ट्रेलिया

रक्षा मंत्री स्टीफन स्मिथ ने संसद में कहा, ''फौज में इन युवा लड़के-लड़कियों को अपने साथियों के हाथों शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा जो किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है.''

और कुछ मामलों में अधिकारियों की ग़लत व्यवहार और लापरवाही के कारण कई कर्मचारी अपने काम में असफल भी हुए.

वे कहते हैं, ''ऐसी घटनाओं का इन सैनिकों के मन-मस्तिष्क पर काफी गहरा असर पड़ा है. कई बार ऐसे अनुभवों के कारण उनके पूरे व्यक्तिव पर प्रतिकूल असर पड़ा है.''

ऐसे सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ''आपको ये कभी भी नहीं सहना चाहिए था. मैं आप सबसे माफी मांगता हूं''

प्रताड़ना के इन आरोपों की जांच के लिए एक जज की अगुवाई में टास्कफोर्स का गठन किया गया है, जो ऐसे हर मामले की जांच करेगा.

स्मिथ के मुताबिक पीड़ितों को 52 हज़ार 200 डॉलर या 32 हज़ार 600 पाउंड तक की मुआवज़ा राशि दी जाएगी.

अपमान

रक्षा विभाग के प्रमुख जनरल डेविड हर्ले ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि सेना अपनी व्यवस्था में सांस्कृतिक सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

उनके अनुसार, ''जितनी संख्या और जिन-जिन तरह के दुर्व्यवहार के मामले सामने आए हैं उससे ये पता चलता है कि एडीएफ के कई अफसर अपने पद के साथ आने वाली ज़िम्मेदारी को समझने में नाकाम रहे हैं. उन्हें ये समझना चाहिए फौज में उंचा रैंक मिलना एक विशेषाधिकार है ना कि किसी को प्रताड़ित करने का लाइसेंस.''

स्टीफन स्मिथ

ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री स्टीफन स्मिथ

स्टीफन स्मिथ के मुताबिक, ''फौज ये स्थापित करने की कोशिश करेगी कि उसके सभी सदस्यों को काम करने के लिए भयमुक्त माहौल मिले.''

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने साल 2011 के अप्रैल महीने में सेना में एक साथ कई जांच के आदेश थे.

ऐसा ऑस्ट्रिलयाई डिफेंस फोर्स एकैडेमी में दो कैडेट्स द्वारा एक महिला कैडेट की सेक्स करते हुए तस्वीरें फिल्माने और फिर उसे इंटरनेट पर पोस्ट करने के बाद किया गया था.

जबकि ठीक इसी समय पर सेक्स डिस्क्रिमिनेशन कमिशनर एलिज़ाबेथ ब्रॉडरिक ने एक अन्य जांच रिपोर्ट में कहा था कि आस्ट्रियाई फौज में महिलाओं की प्रतिनिधित्व काफी कम है और उन्हें उचित अवसर नहीं मिल रहा है.

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