फिलीपींस जाइए, अंग्रेज़ी सीखिए

  • 13 नवंबर 2012
फिलीपिंस में अंग्रेज़ी सीखने आई एक विदेशी छात्रा
कम फीस एक बड़ी वजह है जो दुनिया भर से छात्रों को अंग्रेज़ी सीखने फिलीपिंस ला रही है.

अंग्रेज़ी सीखने के लिए सबसे उपयुक्त देशों की बात हो तो लोगों के दिमाग़ में ब्रिटेन, अमरीका या ऑस्ट्रेलिया का नाम आता है लेकिन आजकल लोग और छात्र अंग्रेज़ी सीखने के लिए एशियाई मुल्क फ़िलीपींस की ओर रूख़ कर रहे हैं.

यहां अंग्रेज़ी सीखने या अंग्रेज़ी माध्यम वाले विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या हाल के दिनों में तेज़ी से बढ़ी है.

लोगों द्वारा इस सुदूर देश को अंग्रेज़ी की शिक्षा के लिए चुने जाने की एक ख़ास वजह है.

फ़ायदे

वो ये कि फ़िलीपींस इन सब से ज़्यादा सस्ता है यानी वहां दूसरे मुल्कों के मुक़ाबले बहुत कम ख़र्च में अंग्रेजी की तालीम हासिल की जा सकती है. और इसलिए इस प्रतिस्पर्धात्मक बाज़ार में ये पूर्वी एशियाई देश ईरान, लीबिया, ब्राज़ील और रुस जैसे देशों के छात्रों को आकर्षित कर रहा है.

जेसी किंग फ़िलीपींस में अंग्रेज़ी की शिक्षक हैं. वे कहती हैं, "दूसरे देशों की तुलना में हमारे रेट काफ़ी प्रतिस्पर्धात्मक हैं."

जेसी के स्कूल में 60 घंटे के कोर्स की फ़ीस 500 डॉलर या लगभग 25,000 रूपये है जबकि अमरीका या कनाडा में इसी तरह के पाठ्यक्रम की फ़ीस इससे तीन गुना है.

फ़िलीपींस में अंग्रेज़ी सीखना का एक और फ़ायदा है - वहां के लोगों का उच्चारण.

वहां के निवासियों का उच्चारण अमरीकी तर्ज़ का है. फ़िलीपींस पांच दशकों तक अमरीकी उपनिवेश था और दूसरे ये कि यहां के बहुत से लोगों ने ऐसे कॉल सेंटरों में काम किया है जिनके क्लाइंट्स अमरीकी थे.

ये कॉल सेंटर अपने कर्मचारियों ऐसा प्रशिक्षण देते हैं जिससे लगे कि वो अमरीकी ही हैं. इसलिए क्लाइंट्स को कभी पता ही नहीं चलता कि वे दुनिया के दूसरे कोने में बैठे किसी व्यक्ति से बात कर रहे हैं.

जेसी कहती हैं, "मैं कॉल सेंटरों में काम कर चुकी हूं इसलिए मैंने अमरीकी लहजा सीख लिया है. अंग्रेज़ी सिखाने के लिए ये एक ज़रूरी बात है."

वे मनिला स्थित इंटरनेशनल लेंग्वेज अकेडमी ऑफ़ मनीला में पढ़ाती हैं जहां दुनिया भर से छात्र आते हैं. इनमें से ज़्यादातर एशिया से हैं, ख़ासकर जापान, ताइवान और कोरिया से. लेकिन पिछले कुछ महीनों में जेसी ने उत्तरी अफ़्रीका, दक्षिण अमरीका और मध्य पूर्व के छात्रों को भी पढ़ाया है.

विकास का बढ़िया मौका

फ़िलीपींस इमीग्रेशन ब्यूरो के मुताबिक इस वर्ष 24,000 से ज़्यादा लोगों ने स्टडी परमिट यानी शिक्षा हासिल करने के लिए वीज़ा हासिल करने की अर्ज़ी दी है. चार साल पहले ये संख्या 8,000 से कम थी.

सरकार, इस क्षेत्र को विकास के लिए एक बढ़िया मौके की तरह देखती है.

कारोबार और उद्योग विभाग में अंडर-सेक्रेटरी क्रिस्टीनो पैनलिलीयो के मुताबिक, "हम ज़्यादा-से-ज़्यादा छात्रों की भर्ती के लिए तैयार हैं. मेरा मानना है कि सरकार को इसकी ज़्यादा मार्कटिंग करना चाहिए."

विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम

ऐसा नहीं है कि फ़िलीपींस में सिर्फ़ अंग्रेज़ी सीखने के लिए ही छात्र आते हैं. यहां विभिन्न क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई के लिए आने वाले विदेशी छात्रों की भी संख्या तेज़ी से बढ़ी है.

इसकी वजह भी वही है - कम खर्च. यहां के चोटी के विश्वविद्यालयों में शिक्षा का माध्यम अंग्रेज़ी है.

किसी फिलीपीनो विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए विदेशी छात्रों को स्टूडेंट वीज़ा चाहिए और देश के अप्रवासन रिकॉर्डों से पता चलता है कि तीन साल पहले की तुलना में वर्ष 2011 में इस वीज़ा के लिए तीन गुना ज़्यादा विदेशियों ने अप्लाई किया.

ऐसी ही एक छात्र रुस की एलिज़ावेटा लेघकाया हैं जो फ़िलीपींस के डे ला साल विश्वविद्यालय में पढ़ रही हैं. डे ला साल की गिनती देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में होती है.

कई और देशों के विश्वविद्यालयों की तुलना में इस युनिवर्सिटी में फीस कम है लेकिन शिक्षा का उतना ही बढ़िया स्तर होने के साथ ही एलिज़ावेटा को फ़िलीपींस में पढ़ने के कई और फ़ायदे भी लगे.

वे कहती हैं, "यहां पढ़ना एक बेहतरीन अनुभव है क्योंकि यहां की जीवनशैली में यूरोप से काफ़ी फर्क है. यहां की संस्कृति के बारे में सीखना भी बहुत दिलचस्प है. मुझे यहां घूमना पसंद है और मैं समुद्र तट और संग्रहालयों में जाती हूं."

मुश्किलें

लेकिन फ़िलीपींस में पढ़ना हर किसी के बस की बात नहीं है.

फिलीपिंस में बहुत से लोग टैगलिश बोलते हैं जो अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषा टैगालोग का मिश्रण है.

यहां रहना का मतलब है कि आपको नौकरशाही और भ्रष्टाचार से निपटना होगा और अगर आप राजधानी मनीला में रहते हैं तो भारी प्रदुषण से भी दो-चार होना पड़ेगा.

एक और समस्या जो लोगों को आती है वो ये कि यहां के निवासी का एक वर्ग जिस लहजे में अंग्रेज़ी बोलते हैं वो बाकी जगह बोली जाने वाली अंग्रेज़ी से काफ़ी अलग है.

वैसे फ़िलीपींस का दावा है कि अमरीका और ब्रिटेन के बाद अंग्रेज़ी बोलने वालो की सबसे बड़ी आबादी वहीं मौजूद है. ज़्यादातर फ़िलीपिनो थोड़ी बहुत अंग्रेज़ी बोल लेते हैं और शिक्षित लोग धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलते हैं.

लेकिन वहां के कुछ निवासी टैगलिश भाषा का भी इस्तेमाल करते है जो कि अंग्रेज़ी और स्थानीय टैगालोग भाषा का मिश्रण है. अक्सर विदेशियों को ये भाषा समझने में दिक्कत होती है.

साइनबोर्डों पर अक्सर अंग्रेज़ी वर्तनी ग़लत होती हैं और अंग्रेज़ी शब्दों का भी सही इस्तेमाल नहीं होता.

अंग्रेज़ी भाषा सीखने आए किसी विदेशी छात्र के लिए ये काफ़ी चुनौतीपूर्ण और भटकाने वाला हो सकता है. लेकिन ज़्यादातर लोगों के लिए फ़िलीपिंस में पढ़ने के फ़ायदों के सामने ये दिक्कतें काफ़ी छोटी हैं.

संबंधित समाचार