पूर्व प्रेमिका को हत्या देखने को मजबूर किया

 शनिवार, 10 नवंबर, 2012 को 11:10 IST तक के समाचार
अहमद ओटक

अहमद ओटक के बारे में न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने 'जानवर की तरह बर्ताव किया'

अपनी पूर्व प्रेमिका की बहिन और उसकी दोस्त की एक प्रेमी ने इसलिए हत्या कर दी क्योंकि पूर्व प्रेमिका ने उससे फिर से संबंध बहाल करने से मना कर दिया था. इस अपराध के लिए प्रेमी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.

मामला ब्रिटेन के वेस्ट यॉर्कशर का है जहाँ नाराज़ प्रेमी ने वो हत्या देखने के लिए पूर्व प्रेमिका को ज़बरदस्ती मजबूर किया था.

अफ़ग़ानिस्तान से शरण लेकर आए अहमद ओटक ने 17 साल की किंबर्ली फ़्रैंक और समांथा साइक्स की मार्च में हत्या की थी.

इसके बाद उसने अपनी पूर्व प्रेमिका 19 वर्षीया एलिसा फ़्रैंस का अपहरण किया और देश छोड़ने की कोशिश में डोवर तक गाड़ी चलाकर गया.

ओटक को कम से कम 34 वर्षों की जेल की सज़ा सुनाई गई है. ओटक ने बार-बार अपनी उम्र को लेकर झूठ बोला है मगर माना जाता है कि उसकी उम्र 22 साल होगी.

न्यायाधीश जस्टिस कोलसन ने कहा कि ओटक ने 'एक जानवर की तरह बर्ताव' किया और वह 'आदमी जैसा बर्ताव कर ही नहीं सकता.'

चाकू से गोदा

ओटक 2007 में ब्रिटेन आया था और मानवीय आधार पर उसे ब्रिटेन में रहने की इजाज़त दी गई थी.

समांथा साइक्स और किंबर्ली फ़्रैंक

समांथा साइक्स और किंबर्ली फ़्रैंक के शव उनके फ़्लैट में पाए गए थे

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि फ़्रैंक के साथ उसका रिश्ता काफ़ी उतार-चढ़ाव वाला रहा और उसने धमकी भी दी थी कि अगर फ़्रैंक ने उससे रिश्ता तोड़ा तो वह उसकी हत्या कर देगा.

इसके बाद फ़रवरी में फ़्रैंक ने ये रिश्ता समाप्त कर दिया.

एक महीने बाद ओटक किंबर्ली फ़्रैंक के फ़्लैट पर गया जबकि उसके हाथ में चाकू था. उसने वो चाकू उसी दिन ख़रीदा था.

ओटक ने उस चाकू से एलिसा की बहिन को 15 बार गोद दिया और एलिसा को ज़बरदस्ती वो देखने पर मजबूर किया.

अदालत में ये भी बताया गया कि एक समय वह किंबर्ली फ़्रैंक के शरीर पर खड़ा हुआ, ज़ोर-ज़ोर से हँसा और उसने चाकू से ख़ून भी चाटा.

डोवर की ओर

इसके बाद ओटक ने फ़्रैंक को बाँध दिया और उन्हें अपनी दोस्त साइक्स को फ़ोन करके फ़्लैंट पर बुलाने के लिए मजबूर किया. जब साइक्स उनके फ़्लैट पर आईं तो उन पर भी ओटक ने चाकू से हमला कर दिया.

साइक्स को 32 बार चाकू से गोदा और काटा गया. इसके बाद ओटक फ़्रैंक को लेकर डोवर की ओर भागा.

वहाँ पर उनकी मुलाक़ात एक ग़ैर-क़ानूनी आप्रवासी बहराम बहरामी से हुई और वो उसके साथ एक गाड़ी में छिप गया. उस दौरान ओटक की पीठ फ़्रैंक और बहरामी की ओर थी. इस दौरान फ़्रैंक ने बहरामी को बताया कि उन्हें ज़बरदस्ती चाकू दिखाकर वहाँ रखा गया है.

इस पर बहरामी ने हाथापाई करके ओटक से चाकू छीन लिया और पास के घरों में फ़्रैंक के साथ जाकर छिप गया और पुलिस को ख़बर कर दी.

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