श्रीलंका में जेल में हिंसा, 13 की मौत

  • 10 नवंबर 2012

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो की वेलिकाडा जेल में क़ैदियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई हिंसा में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं. हिंसा तब भड़की जब पुलिस के जवानों ने जेल की तलाशी लेने की कोशिश की.

ऐसी ख़बरें हैं कि जेल में गोलीबारी अभी भी जारी है और क़ैदियों ने सुरक्षाकर्मियों के हथियार ज़ब्त कर लिए हैं. इस घटना के बाद जेल में सेना बुला ली गई है और आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया है.

जेल में ऐसे 4,000 क़ैदी हैं जिन्होंने पहले भी वहां हिंसा देखी है.

जनवरी महीने में जेल में हुई हिंसा में 25 क़ैदी और चार सुरक्षा गार्ड जख्मी हो गए थे.

2010 में इस जेल में क़ैदियों के पास मोबाइल फोन पकड़ने के लिए की गई छापेमारी के दौरान भड़की हिंसा में 50 से ज़्यादा जेल सुरक्षाकर्मी और पुलिस के जवान ज़ख्मी हो गए थे.

तलाशी

कोलंबो में राष्ट्रीय अस्पताल के निदेशक अनिल जासिंघे ने कहा कि कम से कम 13 लोग इस हिंसा में मारे गए हैं जिनमें 11 क़ैदी हैं.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक कुछ लोग जेल से भागने के दौरान मारे गए जबकि कुछ अन्य को एक ऑटोरिक्शा में भागने की कोशिश करते गोली मार दी गई.

अनिल जासिंघे ने बताया कि 32 ज़ख़्मी लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया है जिनमें छह की हालत गंभीर है.

बीबीसी के कोलंबो संवाददाता चार्ल्स हेविलैंड का कहना है कि अभी ये साफ नहीं है कि जेल के भीतर कुल कितने लोग मारे गए हैं.

इस हिंसा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत क़रीब 30 लोग ज़ख्मी हुए हैं और ख़बर है कि क़ैदियों ने कुछ जेल कर्मचारियों को बंधक बना लिया है.

बाद में कुछ क़ैदियों को जेल की छत से बंदूकें लहराते हुए देखा गया है.

तस्करी

श्रीलंका के जेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ सलाहकार ने बीबीसी को बताया है कि हालात अब नियंत्रण में है.

हिंसा भड़कने के दौरान वहां मौजूद एक क़ैदी ने बीबीसी संवाददाता सरोज पथिराना को बताया कि हालात तब बिगड़ गए जब पुलिस के कमांडो जेल के भीतर दाखिल हो गए और क़ैदियों को बाहर निकालकर उनकी तलाशी लेने लगे.

कुछ अन्य रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस शायद मादक द्रव्यों और तस्करी से जेल में पहुंचाए गए मोबाइल फोन का पता लगाने वहां पहुंची थी.