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भारत का काढ़ा पीकर 110 के हुए रेग डीन!

 रविवार, 4 नवंबर, 2012 को 20:14 IST तक के समाचार

रेग डीन ने द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रितानी सेना के लिए काम किया था.

मौका है ब्रिटेन के सबसे बूढ़े व्यक्ति रेग डीन के 110वें जन्मदिन का और इस जश्न के लिए एक शानदार कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया है, हालांकि वो इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाए लेकिन उनकी सेहत का राज़ इन दिनों खासी चर्चा में है.

रेग डीन का जन्म टनस्टॉल में चार नवंबर, 1902 को हुआ और उनका मानना है कि उनकी सेहत का राज़ उनका आलस है. हालांकि डीन के परिवार का कहना है कि उनकी लंबी उम्र की वजह वो काढ़ा है जो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने भारत में पिया था.

डीन 1947 से ब्रिटेन के डर्बीशायर में रह रहे हैं और दो विश्वयुद्ध सहित उन्होंने ब्रिटेन के सभी 24 प्रधानमंत्रियों की सत्ता देखी है.

"प्रथम विश्व युद्ध से ठीक पहले मेरे पिता भारत में थे जहां एक स्थानीय नागरिक ने उन्हें एक काढ़ा पीने को दिया. मेरे पिता ने इस व्यक्ति की मदद की थी और उसने बदले में उन्हें काढ़ा दिया और कहा कि इसे पीकर तुम 100 साल जिओगे."

रेग डीन के बेटे क्रिस्टोफर

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वो बर्मा में तैनात थे और 80 साल की उम्र में सेना की अपनी नौकरी से रिटायर हुए.

डीन भले ही आलस को सेहतमंद जीवन की कुंजी मानें लेकिन उनके बेटे क्रिस्टोफर के पास अलग ही कहानी है.

वो कहते हैं, ''प्रथम विश्व युद्ध से ठीक पहले मेरे पिता भारत में थे जहां एक स्थानीय नागरिक ने उन्हें एक काढ़ा पीने को दिया. मेरे पिता ने इस व्यक्ति की मदद की थी और उसने बदले में उन्हें काढ़ा दिया और कहा कि इसे पीकर तुम 100 साल जिओगे.''

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने दस साल शिक्षक के रुप में काम किया और अपने जीवन में तीन शादियां कीं.

क्रिस्टोफर के मुताबिक उनके पिता को अधिक जानकारी नहीं थी और उन्होंने गदले से दिखने वाले उस घोल को पी लिया और वो आज सबके सामने हैं बिलकुल सेहतमंद. क्रिस्टोफर के मुताबिक उन्हें इस बारे में बहस की गुंजाइश नहीं दिखती कि उस काढ़े ने उनके पिता पर सकारात्मक असर दिखाया है.

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