रेशमी रूमाल और 93 साल का सुपरहीरो

 मंगलवार, 30 अक्तूबर, 2012 को 11:59 IST तक के समाचार

तिरानवे साल के चार्ल्स यूगेस्टर अपने नेवी सूट और रेश्मी रुमाल में ख़ूब जमते हैं. लेकिन किसी भी वक्त एक सुपरहीरो की तरह उछल-कूद के लिए तैयार रहते हैं.

भूतपर्व डेंटिस्ट यूगेस्टर ने महज़ छह साल पहले 87 वर्ष की उम्र में बॉडीबिल्डिंग करना शुरू किया और अपने आस-पास रखी फ़िटनेस मशीनों के बीच काफ़ी सहज दिखते हैं.

बॉडी बिल्डिंग शुरू करने के पीछे की वजह यूगेस्टर बताते हैं, “ मेरा मकसद बीच किनारे घूम रही 70 वर्षीय लड़कियों का ध्यान अपनी ओर खींचना था. ”

वज़न बढ़ने से चिंतित यूगेस्टर एक बॉडीबिल्डिंग क्लब से जुड़े और एक पूर्व मिस्टर यूनिवर्स को अपना ट्रेनर बनाया.

'पचास पुश-अप'

यूगेस्टर हफ़्ते में तीन या चार बार करीब दो घंटे तक कसरत करते हैं. और अब ट्रेनिंग असर दिखा रही है. हाल में हुई एक चैंपियनशिप में 45 सैंकड में 57 डिप्स, 61 चिन-अप्स, 50 पुश-अप और 48 एबडोमिनल क्रंचेस किए.

"मेरे ख़्याल से कोई भी ये कर सकता है. क्योंकि ये पुरानी कार के बदले नई कार ख़रीदने जैसा है. अगर आप अपनी कार का ख़्याल रखते हैं तो चिंता की कोई बात नहीं लेकिन अगर आप उसपर ध्यान नहीं देते तो आपको इसकी क़ीमत उठानी पड़ेगी."

डॉ. चार्ल्स यूगेस्टर, बॉडीबिल्डर

वे कई बार अपने हुनर से पुरस्कार जीत चुके हैं.

तीस साल तक डेंटिस्ट के तौर पर काम करते हुए यूगेस्टर को कसरत का समय नहीं मिलता था. रिटायर होने के बाद उन्हें लगा कि वो मोटे हो रहे हैं. और तब उन्होंने अपने शरीर के बारे में कुछ कदम उठाने की ठानी.

वे कहते हैं, “मेरे ख़्याल से कोई भी ये कर सकता है. क्योंकि ये पुरानी कार के बदले नई कार ख़रीदने जैसा है. अगर आप अपनी कार का ख़्याल रखते हैं तो चिंता की कोई बात नहीं लेकिन अगर आप उसपर ध्यान नहीं देते तो आपको इसकी क़ीमत उठानी पड़ेगी. ”

जोश से भरे डॉक्टर यूगेस्टर तुरंत कसरतों का उदाहरण देते हैं और साथ ही कुछ मशविरे भी.

बुढ़ापा?

ये पूछे जाने पर कि क्या वो कभी कसरत करने से ऊभते भी हैं, यूगेस्टर कहते हैं, “बिल्कुल नहीं. देखिए मांसपेशिया बनाने के लिए आपको जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ती है. दरअसल आपको इतनी कड़ी मेहनत करनी होती है कि मांसपेशियां गठीली हो जाएं.”

लेकिन उम्र ढलने के बाद भी एक स्पोर्टिंग चैंपियन बनने की कोशिश क्या सही है?

"ये एक असाधारण मामला है. 90 साल की उम्र में ऐसा करने वाले बहुत ही कम लोग होंगे लेकिन अधिकतर के लिए ये सही नहीं है. "

डॉक्टर स्टीव इलिफ़, विशेषज्ञ

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रोफ़ेसर स्टीव इलिफ़ चेतावनी देते हैं, “ये एक असाधारण मामला है. 90 साल की उम्र में ऐसा करने वाले बहुत ही कम लोग होंगे लेकिन अधिकतर के लिए ये सही नहीं है. ”

प्रोफ़ेसर स्टीव इलिफ़ कहते हैं कि हमें कसरत और शारिरिक गतिविधियों के बीच अंतर को समझना चाहिए. उनके अनुसार बूढ़े लोग पर्याप्त शारिरिक गतिविधि नहीं करते हैं और जिम में जी-तोड़ मेहनत से पहले उन्हें छोटी-मोटी कसरत करनी चाहिए.

उनके अनुसार दुकान तक पैदल जाना, कुत्ते को घुमाना और छोटे-मोटे काम खुद करना बुज़ुर्गों को तंदरुस्त रख सकता है.

लेकिन डॉक्टर यूगेस्टर का कहना है कि छह साल की मेहनत ने उनकी ज़िंदगी बदल दी है.

वे कहते हैं, “ मेरे ख़्याल से बॉडीबिल्डिंग के लिए कोई भी उम्र ज़्यादा नहीं होती. 93 साल की उम्र में भी मेरा शरीर लगातार बदल रहा है. बूढ़ा होना मेरे लिए एक ख़ुशनुमा दौर बन गया है. ”

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