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कौन से मुद्दों पर लड़ रहे हैं ओबामा-रोमनी

 गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2012 को 20:32 IST तक के समाचार

बराक ओबामा बनाम मिट रोमनी: चुनाव के मुद्दे

जैसे-जैसे अमरीका में मतदान का दिन करीब आ रहा है, दोनों उम्मीदवार बराक ओबामा और मिट रोमनी एक-दूसरे को मात देने के लिए मुद्दों को हवा देने में लगे हैं. ये पता कीजिए कि ओबामा और रोमनी का रुख़ अहम मुद्दों को लेकर क्या है. कहाँ इन मुद्दों पर उनमें तगड़े मतभेद हैं.

बराक ओबामा मिट रोमनी
अर्थव्यवस्था

ओबामा ने अमेरिकन रिकवरी एंड रिइन्वेस्टमेंट एक्ट पर हस्ताक्षर किया है. इसे आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के रूप में भी जाना जाता है. इसमें 768 अरब डॉलर का पैकेज है. इस पैकेज में करों में कटौती, शिक्षा, आधारभूत क्षेत्र, ऊर्जा शोध, स्वास्थ्य और अन्य कार्यक्रम शामिल हैं. ओबामा ने अमरीकी कार उद्योग के लिए पैकेज का समर्थन किया. उन्होंने कोलोंबिया, पनामा और दक्षिण कोरिया के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर किए.

करों में कटौती के लिए प्लान सेंटर्स. ओबामा के वर्ष 2010 स्वास्थ्य सेवा सुधार क़ानून के साथ-साथ 2010 वॉल स्ट्रीट और बैंकिंग नियमन को भी निरस्त करना. इसके अलावा भी अन्य नियमनों में कटौती, जिन्हें वे मानते हैं कि इससे आर्थिक प्रगति में कमी होगी. उन्होंने ऑटो इंडस्ट्री के बेल आउट पैकेज का भी विरोध किया है. उन्होंने सरकारी खर्चों में कटौती का प्रस्ताव रखा है. लेकिन उन्होंने इसका कम ही विवरण दिया है कि वे किस कार्यक्रम में कटौती करेंगे.

टैक्स

ओबामा ने ज़्यादा अमरीकियों के लिए प्रभावी टैक्सों में कटौती की है. उन्होंने कहा है कि वे बुश के समय परिवारिक टैक्सों में कटौती को ख़त्म करेंगे और इससे एक साल में ढाई लाख डॉलर की बचत होगी. उन्होंने अरबति वॉरेन बफेट के नाम पर बनी बफेट योजना का भी प्रस्ताव रखा है. इस योजना के तहत धनी व्यक्तियों पर टैक्स बढ़ाया जाएगा.

रोमनी का कहना है कि वे बुश के समय की टैक्स कटौतियों को स्थायी बनाएँगे. वे व्यक्तिगत आयकर दरों में भी कटौती करेंगे और निवेश आय पर टैक्स को ख़त्म करेंगे. वे भूसंपत्ति कर को निरस्त करेंगे और कॉरपोरेट इनकम टैक्स में भी कमी करेंगे. साथ ही रोमनी का दावा है कि वे टैक्स की कई अस्पष्ट चीज़ों को बंद करके राजस्व की भरपाई करेंगे.

ईरान

ओबामा का कहना है कि वे इस बात को लेकर कृतसंकल्प हैं कि वे ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकेंगे. वे ईरान के परमाणु ठिकाने पर सैनिक कार्रवाई के खिलाफ हैं. वे कूटनीतिक समाधान के पक्षधर हैं, लेकिन ये भी चेतावनी देते हैं कि ये विकल्प धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. वे कहते रहे हैं कि सभी विकल्प विचाराधीन हैं. उन्होंने ईरान के सेंट्रल बैंक, तेल राजस्व और वित्तीय व्यवस्था पर नए प्रतिबंध को मंजूरी दी है.

रोमनी का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करे, ये स्वीकार नहीं. उनका ये भी कहना है कि सैनिक कार्रवाई अब भी विचाराधीन है. जानकारों का कहना है कि रोमनी ईरान को सीधे तौर पर सैनिक कार्रवाई की चेतावनी देना चाहते हैं. रोमनी ये भी कहते हैं कि वे नौसैनिक जहाज़ों को गश्त के लिए भूमध्य सागर और फारस की खाड़ी में भेजेंगे. वे खुलकर ईरान के विपक्षी गुटों का समर्थन करेंगे.

राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्ध ओबामा का कहना है कि उनके राष्ट्रपति रहते अल क़ायदा के कई नेताओं की मार दिया गया, जिनमें लादेन भी शामिल हैं. उन्होंने इराक़ से सैनिकों को हटाया. ओबामा ने अगले 10 साल के रक्षा खर्च में 48.7 करोड़ डॉलर की कटौती के लिए सहमति जताई. रोमनी का कहना है कि वे सैनिक उपकरणों पर भरपूर खर्च करेंगे और मिसाइल सुरक्षा में भी निवेश करेंगे. इससे पेंटागन के बजट पर 100 अरब डॉलर का खर्च बढ़ सकता है. उनका कहना है कि वे नौकरशाही में कटौती करेंगे.
अफ़ग़ानिस्तान

शुरू में अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद सैनिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी की. लेकिन अब उन्होंने अमरीकी सैनिकों में कटौती करना शुरू किया है और कहा है कि वर्ष 2014 के आख़िर तक युद्ध मिशन ख़त्म हो जाएगा.

रोमनी का कहना है कि उनका लक्ष्य वर्ष 2014 के अंत तक अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को ज़िम्मेदारी सौंपना है. उनका वादा है कि वे वहाँ से सैनिकों को हटाने की योजना की समीक्षा करेंगे और सैनिक कमांडरों की राय लेंगे.
स्वास्थ्य सेवा

ओबामा के व्यापक 2010 स्वास्थ्य सेवा सुधार क़ानून का लक्ष्य सभी लोगों के लिए एक समान स्वास्थ्य बीमा लागू करना है. इसमें उन ज़रूरतमंद लोगों को शामिल किया गया है, जो पहले बीमा ख़रीदने वाली स्कीम में शामिल नहीं थे. इस क़ानून के तहत बीमा देने वाली कंपनियों को उस अधिकार को सीमित किया गया है, जिसमें वे पहले से बीमार कुछ लोगों को कवर नहीं करते थे. इस क़ानून ने सरकारी मदद की भी पेशकश की है ताकि मेडिकेड पब्लिक इश्योरेंस प्रोग्राम में ग़रीब लोगों का नामांकन बढ़ाया जाए.

रोमनी का कहना है कि वे ओबामा के स्वास्थ्य क़ानून को निरस्त करेंगे, हालाँकि ये क़ानून उसी क़ानून के मॉडल पर आधारित है, जिस पर उन्होंने मैसेच्युसेट्स में हस्ताक्षर किए थे. उनका कहना है कि वे सभी स्वास्थ्य नीतियों को राज्यों के पास भेज देंगे. रोमनी का दावा है कि वे डॉक्टरों के ग़लत आचरण को लेकर होने वाले मुकदमे को सीमित करेंगे. रोमनी उन लोगों को बाज़ार से इंश्योरेंस ख़रीदने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिनके पास इश्योरेंस नहीं है. ऐसे लोग अन्य राज्यों से इश्योरेंस ख़रीद पाएँगे.

ग़ैर क़ानूनी आप्रवासन

ओबामा ने अपनी कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कुछ ग़ैर क़ानूनी आप्रवासी युवकों को क़ानूनी दर्जा दिया. इसमें उन्होंने कांग्रेस के रिपब्लिकनों की भी अनदेखी की. लेकिन ग़ैर क़ानूनी आप्रवासियों को वापस भेजे जाने का काम में नाटकीय तेज़ी आई.

रोमनी ने युवा ग़ैर क़ानूनी आप्रवासियों पर ओबामा के कामचलाऊ क़दमों की आलोचना की. लेकिन ये नहीं कहा कि वे इसे पलट देंगे. उनका कहना है कि अमरीका को ऐसे लोगों का ज़िंदगी मुश्किल कर देनी चाहिए, ताकि वे ख़ुद ही देश छोड़कर चले जाएँ.

गर्भपात

ओबामा गर्भपात के अधिकार का समर्थन करते हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दो ऐसे न्यायाधीशों की नियुक्ति की, जिनके बारे में ऐसा लगता है कि वे गर्भपात अधिकारों का समर्थन करते हैं.

रोमनी सुप्रीम कोर्ट फैसले को बदलने का समर्थन करते हैं, जिसमें गर्भपात को क़ानूनी दर्जा मिला था और प्रांतों को अधिकार दिया गया था कि वे इस मामले में अपना रुख़ तय करें.

ऊर्जा ओबामा साफ-सुथरे ऊर्जा के स्रोत पवन चक्की और आधुनिक कार बैटरी में निवेश को समर्थन करते हैं. उन्होंने कार ईंधन की क्षमता और उत्सर्जन मानदंडों को सख्त किया है. ओबामा ने कीस्टोन तेल पाइपलाइन बनाने पर भी रोक लगा दी. उन्होंने कहा कि अमरीका के पास इसका पर्याप्त समय नहीं था कि वो पर्यावरण पर इसके प्रभाव पर कोई फैसला कर पाता.

रोमनी का वादा है कि वे कोयला से चलने वाले पावर प्लांट, तेल का पता लगाने और परमाणु ऊर्जा प्लांट के निर्माण में रुकावट डालने वाले नियमों को नरम करेंगे. रोमनी अटलांटिक और प्रशांत महासागर के बाहरी महाद्वीपीय पट्टी पर तेल के लिए खुदाई को बढ़ावा देंगे. वे इसके लिए नियमों में भी ढील देंगे. रोमनी कीस्टोन पाइप लाइन बनाने का भी वादा कर रहे हैं.

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