पाकिस्तान: विदेशी क्रिकेटरों के लिए बुलेटफ्रूफ बसें

  • 25 अक्तूबर 2012
श्रीलंकाई टीम
कराची में श्रीलंका की टीम पर हमला किया गया था

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड विदेशी खिलाड़ियों के लिए बुलेटफ्रूफ बस खरीदेंगा ताकि 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेटरों पर हुए चरपंथी हमले के बाद पाकिस्तान में खेलने को लेकर किए गए बॉयकॉट को खत्म किया जा सके.

क्रिकेट अधिकारियों का कहना है कि वो इस्लामाबाद में एक उच्च सुरक्षा वाला स्टेडियम तैयार करने की योजना भी बना रहे हैं.

लाहौर में 2009 में बंदूकधारियों के श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर गोलियां चलाईं जिसके बाद से वहां कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं हुआ है.

इस हमले में छह पुलिसकर्मी और ड्राइवर मारे गए थे जबकि कई खिलाड़ी भी घायल हो गए थे.

देश के बाहर

इस घटना के बाद से पाकिस्तान को अपने यहां होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट दुबई या फिर अबु धाबी में खेलने पड़ते हैं. इसी साल अप्रैल में बांग्लादेश की टीम को मैच खेलने पाकिस्तान जाना था लेकिन सुरक्षा कारणों से ये दौरा टाल दिया गया.

हालांकि 2009 के बाद से कराची में सप्ताहंत को हुए पहले अनौपचारिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी.

इस टूर्नामेंट की सफलता के बाद अधिकारी उम्मीद कर रहे है कि वो पाकिस्तान की टीम के खिलाफ़ दो ट्वेंटी-20 मैचों के लिए अनौपचारिक तौर पर दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से क्रिकेट खिलाड़ियों को आमंत्रित कर पाएंगे.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को उम्मीद है कि वो अगले साल की शुरुआत तक पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की मेज़बानी कर पाएंगे.

बुलेटफ्रूफ बसें

पीसीबी ने अपने एक वक्तव्य में कहा है, ''अंतरराष्ट्रीय टीमों को बेहतरीन सुरक्षा मुहैया कराने के प्रोटोकॉल के तहत ही बोर्ड ने एकराय से बुलेटप्रूफ बसें खरीदने को मंजूरी दी है. ''

उच्च सुरक्षा वाले नए स्टेडियम के बारे में वक्तव्य में कहा गया है, ''इस्लामाबाद में जब ये स्टेडियम बन कर तैयार होगा तो इसमें 50,000 दर्शक मैच का आनंद ले सकेंगे. ये पाकिस्तान का सबसे बड़ा स्टेडियम होगा. इसके लिए पीसीबी ने पहले से ही 35 एकड़ की ज़मीन भी ले ली है.''

पीसीबी को उम्मीद है कि ये स्टेडियम और होटल कॉंप्लेक्स अगले साल तक तैयार हो जाएगा.

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