ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ इमरान ख़ान सड़क पर

 शनिवार, 6 अक्तूबर, 2012 को 13:44 IST तक के समाचार

इमरान खान ने लगातार हो रहे अमरीकी ड्रोन हमलों के खिलाफ मार्च शुरू किया है.

पाकिस्तान में तहरीक-ए- इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के कबायली इलाकों पर लगातार हो रहे अमरीकी ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ मार्च शुरू किया है.

दो दिनों का ये मार्च राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हुआ है. इसका मकसद बार-बार ड्रोन हमलों का निशाना बन रहे दक्षिण वजीरिस्तान को इनसे निजात दिलाना है.

इमरान ख़ान को उम्मीद है कि भारी तादाद में लोग इसमें शामिल होंगे. हांलाकि ये अभी साफ नही है कि अधिकारी मार्च को उसके गंतव्य तक जाने की अनुमति देंगे या नही.

चरमपंथ के प्रति समर्थन

तमाम पाकिस्तानियों की तरह ही इमरान ख़ान का मानना है कि इन हमलों में भारी तादाद में नागरिक मारे जाते हैं और इसकी वजह से चरमपंथियों के प्रति लोगों का समर्थन भी बढ़ रहा है.

अमरीकी अधिकारी कहते रहे है इन मानव रहित विमान के हमलों से कभी- कभार ही नागरिक मारे जाते है और ड्रोन हमले तालिबान और अल- कायदा के ख़िलाफ़ एक कारगर हथियार हैं.

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इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता ऑर्ला ग्वेरिन का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि इमरान ख़ान का ये मार्च कितनी दूर तक पहुंच पाएगा.

इस बीच, पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस मार्च की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि वो इस मार्च को कबायली इलाकों तक पहुंचने से पहले ही रोक सकते हैं.

तहरीक- ए-इंसाफ पार्टी का कहना है कि इस मार्च और रैली में हजारों लोग शामिल होंगे.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ड्रोन हमलों मे आम नागरिक मारे जा रहे हैं.

इमरान ख़ान का कहना है, " वजीरिस्तान के बारे में अगर सही तरीके से सोचा जाए तो पाएंगे कि वहाँ के लोग बुरी तरह से डरे हुए है क्योंकि वहाँ जो कथित रुप से आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध चलाया जा रहा है, उसने खुद वहाँ युद्ध का आतंक पैदा कर दिया है., महिलाओं और बच्चों को मारा जा रहा है, परिवारों की हत्या हो रही हैं और इसकी वजह से चरमपंथी पैदा हो रहे है."

सुरक्षा का मुद्दा ?

इमरान ख़ान के आलोचक उन पर पार्टी की लोकप्रियता को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप लगा रहे हैं , लेकिन समर्थकों का कहना है कि इस मार्च से पता चलता है कि उसे पाकिस्तान के लोगों की चिंता है.

इस्लामाबाद में एक छात्र मोहम्मद अंसार अदनान का कहना है कि ड्रोन हमले "एक बढ़ती हुई समस्या" है. उनका कहना है, "यदि इमरान ख़ान इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठा रहे हैं, तो मुझे लगता है कि हम सबको उनका साथ देना चाहिए और हमें शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए."

दक्षिणी वजीरिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने रैली को अनुमति नहीं दी है क्योंकि वो इतने सारे लोगों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते.

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की सरकार का कहना है कि ड्रोन हमलो का प्रभाव उल्टा पड़ रहा हैं और ये हमले देश की संप्रभुता का उल्लंघन हैं.

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