कार्बन क्रेडिट से क्या सिर्फ़ कंपनियों को अपना काम चलाने में ही मदद मिलेगी. यदि बंगलौर में बैठे किसी व्यक्ति ने प्रदूषण न किया तो समझ लें कि लंदन में बैठे व्यक्ति ने उसके हिस्से का प्रदूषण कर दिया. फ़ायदा क्या हुआ?
अनिलेंद्र, गोरखपुर
आंकड़ेबाजी अत्यंत ही अतिशयोक्तिपूर्ण अनुमानों पर आधारित प्रतीत होती है...प्रकृति करोड़ों वर्षो से अपनी दिशा स्वयं निर्धारित करती रही है...क्या अब हमें ज़्यादा जि़म्मेदारी से वास्तविक अनुमान पुनः नही लगाने चाहिए?
विवेक रंजन, जबलपुर