सोशल सरगर्मी: ट्विटर और फ़ेसबुक पासवर्ड दो

  • 26 अगस्त 2014

ट्विटर पर आज जम कर चर्चा हो रही है एक ऐसी कहानी की जिसने पत्रकारों की बीच में हंगामा मचा रखा है.

दरअसल एक अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट क्वॉर्टज़ के भारतीय संस्करण में एक ख़बर छपी है कि 'बैनेट एंड कोलमैन' अख़बार समूह ने अपने तमाम पत्रकारों से कहा है कि वो अपने ट्विटर और फ़ेसबुक के पासवर्ड दफ़्तर के हवाले कर दें.

यह भारत का सबसे बड़ा मीडिया समूह है और टाइम्स ऑफ़ इंडिया, इकॉनॉमिक टाइम्स और नवभारत टाइम्स जैसे अख़बार चलाता है.

पत्रकारों से यह भी कहा गया है कि वो दूसरे समाचार समूह की ख़बरों को ना शेयर करें. क्वॉर्टज़ के अनुसार कंपनी ने कहा है कि अपने पत्रकारों के अकाउंट से जो कंपनी को ठीक लगेगा वो पोस्ट होगा.

वैसे चंद रोज़ पहले 'द हिन्दू' अख़बार समूह ने भी अपने पत्रकारों से कहा था कि वो दूसरे समूहों की ख़बरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर करना बंद कर दें.

'विरोध नहीं करेंगे'

वरिष्ठ पत्रकार सुचेता दलाल जिन्होंने हर्षद मेहता की कारगुज़ारियों की ख़बर को सबसे पहले सामने रखा था, वो टाइम्स ऑफ़ इंडिया के निर्णय को 'अजीबो ग़रीब' बताती हैं.

दलाल कहती हैं, ''क्या टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पत्रकार विरोध करेंगे. नहीं कर सकते. नौकरियों की ज़रा भी सुरक्षा नहीं है.''

सोशल मीडिया पर दुनिया भर के लोग 'बैनेट एंड कोलमैन' के निर्देश पर बात कर रहे हैं.

ख़बर है कि इस बारे में पत्रकारों से बाक़ायदा कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तख़त कराए गए हैं. और तो और पत्रकारों को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया और हाथों हाथ दस्तख़त करने को कहा गया.

ट्विटर के बाक़ी ट्रेंड्स का ज़िक्र करें तो ज़्यादातर प्रायोजित हैं. मसलन शाहरुख़ खान की आने वाली फ़िल्म हैप्पी नई ईयर से जुड़ा ट्रेंड.

फ़ेसबुक की बात करें ' लव जिहाद' ट्रेंड कर रहा है. ग़ौर करने की बात यह है कि भारत से उपजा हुआ यह अकेला ट्रेंड है.

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