पक्षपात के आरोपों से सुमित्रा का इनकार

  • 6 अगस्त 2014
सुमित्रा महाजन

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 'सभी सांसदों को बोलने का मौक़ा नहीं' दिए जाने के राहुल गाँधी के आरोपों को ग़लत बताया है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में सांप्रदायिक हिंसा पर बहस की मांग को लेकर हंगामा किया और अन्य सांसदों के साथ अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के आसन के क़रीब तक पहुंच गए थे.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि सांसदों को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा.

इस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा, "मेरा प्रयास रहता है कि सबकी बात सुनूं. प्रश्नकाल चले ये मेरा केवल प्रयास नहीं मेरा आग्रह है. आग्रह इसलिए रहता है क्योंकि प्रश्नकाल चले ये दोनों के लिए आवश्यक है. सदस्य मेहनत करते हैं, प्रश्न डालते हैं. जब 400-500 प्रश्न डाले जाते हैं तब कहीं 20 प्रश्नों की बारी आती है. आप समझ सकते हैं उस मेहनत को."

'कांग्रेस नेतृत्व दबाव में'

इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लोकसभा में हंगामा करने पर कहा है कि राहुल गांधी परेशान हैं क्योंकि कांग्रेस अंदरूनी बगावत झेल रही है.

अरुण जेटली

राहुल के आरोपों पर जेटली का कहना था, "ये एक विचित्र आरोप है क्योंकि हर विषय पर चर्चा हो रही है और हर विषय पर बोलने का मौका दिया गया. ये अलग बात है कि कुछ लोग बोलते नहीं हैं और वे आरोप लगा रहे हैं कि किसी को बोलने नहीं दिया जा रहा."

जेटली ने कहा, "ये आरोप लगाने की इसलिए ज़रूरत पड़ी क्योंकि कांग्रेस का नेतृत्व दबाव में है. उनके घर में विद्रोह हो रहा है. दिन-प्रतिदिन उनकी पार्टी के नेता अपने नेतृत्व की क्षमता को लेकर प्रश्नचिह्न लगाते हैं. इसलिए अपने नेताओं को ये दिखलाना कि हम आक्रामक भी हो सकते हैं इसके कई तरीके हो सकते हैं लेकिन निश्चित रूप से सदन और सभापति पर आरोप लगाना ये उसका तरीका नहीं हो सकता."

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