सोशल सरगर्मी: नंगे आमिर, विजय गोयल और गज़ा

  • 1 अगस्त 2014

आज सोशल सरगर्मी में पीके का नंगा पोस्टर, गजा में संघर्षविराम और विजय गोयल की विवादास्पद बयानबाजी.

पहले बात करें पीके यानी आमिर खान की. आमिर खान ने अपनी नई फिल्म पीके का पोस्टर लगाया और लोगों से पूछा कि उनकी क्या राय है.

ऐसा पोस्टर, वो भी आमिर ख़ान का, ज़ाहिर है लोगों की राय का अंबार लग गया. उनके पन्ने पर आठ हज़ार से ज़्यादा लोगों ने अपनी राय दी.

कुछ ने कहा कि नया है. कुछ ने कहा अश्लील है तो कुछ ने कहा कि पता नहीं ये है क्या.

बीबीसी हिंदी के फेसबुक पन्ने पर प्रतिक्रिया थोड़ी तल्ख दिखी. कई लोगों ने इसे नंगापन बताया तो कुछ लोगों ने कहा कि ये कुछ नयापन भी हो सकता है.

गज़ा

गज़ा में आखिरकार संघर्षविराम हो गया 72 घंटे का. इस पर ट्विटर और फेसबुक दोनों जगहों पर लोग बातचीत कर रहे हैं.

लेकिन इसके कुछ ही घंटे के भीतर ये टूट भी गया और इसराइल ने फिर गोलाबारी शुरु कर दी जिसमें कई फ़लस्तीनी हताहत हुए हैं.

फेसबुक पर कई लोग घायल फलस्तीनी बच्चों की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं.

कुछ लोगों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था के कर्मचारी क्रिस गनेस के रो पड़ने की ख़बर को भी शेयर किया है. क्रिस गनेस फलस्तीनी लोगों की बात करते-करते प्रेस कांफ्रेंस में ही रो पड़े थे.

उधर इसराइल समर्थक पोस्ट भी बड़ी संख्या में फेसबुक पर दिख रहे हैं जहाँ लोग हमास की सुरंगों का ज़िक्र कर रहे हैं और इसराइली कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं.

विजय गोयल का बयान

और अब आइए आपको बताते हैं कि विजय गोयल ने ऐसा क्या कह दिया कि सोशल मीडिया पर लोग उनसे नाराज़ हो गए हैं.

विजय गोयल ने राज्यसभा में बयान देते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली की समस्याओं को सुलझाने के लिए बिहार और यूपी से आने वाले लोगों को रोकना बेहद ज़रुरी है.

ज़ाहिर है लोग इस बयान से काफी नाराज़ थे. बीबीसी हिंदी की इस ख़बर को अब तक तीन सौ से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं और सात सौ से अधिक लोगों ने टिप्पणी की है.

लोगों ने न केवल विजय गोयल के बयान की आलोचना की है बल्कि साफ कहा है कि बिहार और यूपी के लोगों के बिना दिल्ली कुछ भी नहीं.

बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार