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नीतीश चुनेंगे बिहार का अगला मुख्यमंत्री

 सोमवार, 19 मई, 2014 को 15:46 IST तक के समाचार
नीतीश कुमार

जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बिहार में एक पत्रकार वार्ता को संवोधित करते हुए कहा कि सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नया नेता चुनने के लिए अधिकृत किया है.

सिंह ने यह भी साफ़ किया है कि 2015 में होने वाला बिहार का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा.

उन्होंने कहा, "नीतीश ने लोकसभा चुनावों के बाद इस्तीफ़ा देकर नैतिकता का उच्चतम आदर्श स्थापित किया है. इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था. विधानसभा अभी भी बरकरार है. हमारी पार्टी का बहुमत बरकरार है. आज हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधायकों ने नीतीश कुमार को नए नेता के चुनाव के लिए अधिकृत किया है.

उन्होंने कहा, "नीतीश ने लोकसभा चुनावों के बाद इस्तीफ़ा देकर नैतिकता का उच्चतम आदर्श स्थापित किया है. इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था. विधानसभा अभी भी बरकरार है. हमारी पार्टी का बहुमत बरकरार है. आज हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधायकों ने नीतीश कुमार को नए नेता के चुनाव के लिए अधिकृत किया है.

कठोर फ़ैसला

"विधानमंडल दल की बैठक में सर्वसम्मत निर्णय लिया गया कि नीतीश कुमार सरकार और पार्टी के बीच समन्वय की कोशिश करते रहेंगे."

वशिष्ठ नारायण सिंह, जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि विधानमंडल दल के सदस्यों ने बैठक में लोकसभा चुनाव बाद लिए नीतीश कुमार के फ़ैसले का समर्थन और स्वागत किया.

शनिवार को नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव में मिली क्लिक करें हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने कहा था, "हमने अपना अभियान मुद्दों पर केंद्रित किया और उसी के आधार पर लोगों के पास समर्थन मांगने गए थे. हमें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला. इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए मैंने त्यागपत्र दिया है."

नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को 2014 के आम चुनावों में मात्र सीटें दो मिली हैं. वहीं भाजपा गठबंधन को बिहार की कुल 40 में से 31 सीटों पर जीत हासिल हुई.

वशिष्ठ नारायण सिंह ने नीतीश के फ़ैसले के बारे में कहा कि राजनीति में कभी-कभी कठोर निर्णय लेना पड़ता है.

विधानसभा चुनाव

बिहार में 2015 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जनता दल यूनाइटेड की नज़र आने वाले विधानसभा चुनावों पर है.

इसके बारे में वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि 2015 में होने वाला बिहार का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा.

उन्होंने कहा, "विधानमंडल दल की बैठक में सर्वसम्मत निर्णय लिया गया कि नीतीश कुमार सरकार और पार्टी के बीच समन्वय की कोशिश करते रहेंगे."

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद विधानसभा भंग करने की सिफ़ारिश नहीं की थी. इसके कारण वैकल्पिक सरकार बनने का रास्ता खुला था.

पत्रकारों द्वारा यह पूछने पर कि क्या नरेंद्र मोदी के डर से नीतीश कुमार ने इस्तीफ़ा दे दिया है? उन्होंने जवाब दिया, "मोदी को आज भी चुनौती देने का काम करेंगे नीतीश."

उन्होंने लालू प्रसाद यादव से किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया. बीबीसी के साथ बातचीत करते हुए जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा था कि गठबंधन को लेकर लालू प्रसाद यादव से उनकी कोई बात नहीं हुई है."

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