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अमित शाह का बयान बना उन्हीं के गले की हड्डी

 सोमवार, 21 अप्रैल, 2014 को 18:53 IST तक के समाचार
अमित शाह

वाराणसी लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय पर दिए गए हथियारों की तस्करी वाले अमित शाह के बयान के बाद केंद्रीय क़ानून मंत्री कपिल सिब्बल ने शाह पर तीन हत्याओं में शामिल होने का आरोप लगा दिया है.

अमित शाह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रभारी हैं और नरेंद्र मोदी के बेहद क़रीबी माने जाते हैं.

वाराणसी से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अजय राय के बारे में बोलते हुए अमित शाह ने एक टीवी चैनल की खबर का हवाला देते हुए कहा था कि सन 2003 में राय बिहार के माफिया सांसद सैय्यद शहाबुद्दीन के साथ मिलकर एके47 राइफल की खरीद-फरोख्त का काम करते थे.

इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वाराणसी में उन्हें साफ़ छवि वाला कोई और प्रत्याशी नहीं मिला?

फर्जी एनकांउटर

कपिल सिब्बल ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर के रूप में की गई तीन हत्याओं में अमित शाह दोषी हैं और वो मोदी के चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे हैं.

उन्होंने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार में आने पर साल भर के भीतर अपराधियों को जेल भेजने की बात कर रहे हैं, जबकि उनके अपने नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं.

उन्होंने दावा किया कि जेल में बंद वंजारा से अमित शाह की कई बार बातचीत हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रारंभिक साक्ष्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय को तुलसी राम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर की ख़बर थी.

सिब्‍बल ने अमित शाह के कॉल डिटेल्स का पूरा ब्‍यौरा मीडिया के सामने रखा.

कपिल ने कॉल डिटेल के जरिए ये साबित करना चाहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े रहे पराग शाह को इस मामले की पूरी जानकारी थी और आश्चर्य जताया कि आखिर सीबीआई ने उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया.

दूसरी ओर अमित शाह का एक बयान अब खुद उनके लिए मुसीबत बन गया है.

अमित शाह ने कहा था कि अजय राय बिहार से सांसद रह चुके सैय्यद शहाबुद्दीन के साथ मिलकर एके47 राइफल की खरीद-फरोख्त का काम करते थे.

उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी सवाल किया था.

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दाव पड़ा उल्टा

अजय राय

उत्तर प्रदेश विधान सभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर शाह ने इसके जवाब में अमित शाह से सवाल किया कि साल 2009 तक अजय राय भाजपा में थे तब अमित शाह को उनकी गतिविधियों के बारे में ख़याल क्यों नहीं आया?

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर शाह बोले, "जब तक अजय राय भाजपा में थे तब तक उनमें उन्हें कोई बुराई नज़र नहीं आई. जैसे ही वो कांग्रेस में आये उनको राय में सभी दोष नज़र आने लगे." माथुर ने कहा कि उनकी जानकारी में राय के खिलाफ कोई केस नहीं है.

अमित शाह पर पलटवार करते हुए माथुर ने कहा, "अमित शाह पर झूठे एनकाउंटर का आरोप लग चुका है, उनको कैसे गंभीरता से ले सकते हैं?

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शाह के आरोप का खंडन करते हुए अजय राय ने कहा, "ना तो मुझे कभी कोई नोटिस मिली, ना मुझसे कोई पूछताछ हुई और ना ही मेरे खिलाफ कोई आरोप लगा है."

"जब तक अजय राय भाजपा में थे तब तक उनमें उन्हें कोई बुराई नज़र नहीं आई. जैसे ही वो कांग्रेस में आये उनको राय में सभी दोष नज़र आने लगे."

प्रदीप माथुर शाह, कांग्रेस विधायक दल के नेता

साल 2003 में अजय राय बीजेपी और बहुजन समाज पार्टी की मिली-जुली सरकार में सहकारिता राज्य मंत्री थे. वो साल 2009 तक बीजेपी में ही थे.

जब मैंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी से सवाल किया कि राय के कारनामों का ख्याल बीजेपी को अब क्यों आया तो बाजपेयी का कहना था, "टीवी की खबर के बाद इस बात का संज्ञान लिया गया."

भाजपा से नाराजगी

अमित शाह से जब पूछा गया कि बिहार के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक डीपी ओझा ने 82 पन्नों की अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को भेजी थी तो उस वक़्त उनके दल ने अजय राय के विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बोले कि उनको इसकी जानकारी नहीं है.

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साल 2009 में वे संसद का चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने यहां से मुरली मनोहर जोशी को टिकट दिया.

नाराज़ होकर राय ने कांग्रेस की शरण ली और पिछले विधान सभा चुनाव में कोलसला से जीते.

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