विवादित बयान पर अमित शाह के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग

  • 5 अप्रैल 2014
अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के क़रीबी अमित शाह ने कथित तौर पर कहा है कि यह आम चुनाव पिछले साल मुज़फ़्फ़रनगर में हुए साम्प्रदायिक दंगों में हुई 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेने का मौका है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शाह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सामुदायिक नेताओं की एक बैठक में कहा, "उत्तर प्रदेश और ख़ासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह चुनाव सम्मान की लड़ाई है. यह चुनाव 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेने के लिए है. यह चुनाव उन लोगों के लिए सबक सिखाने का मौका है जिन्होंने ज़ुल्म ढाए हैं."

पीटीआई के अनुसार शाह के साथ भाजपा के विधायक सुरेश राणा भी थे जो मुज़फ़्फ़रनगर दंगों से जुड़े मामलों में अभियुक्त हैं. शाह ने गुर्जर, राजपूत और दलित नेताओं से मुलाक़ात की और उनसे चुनावों में भाजपा को समर्थन देने का अपील की.

इस दौरान अमित शाह ने कथित तौर पर कहा, "आदमी भोजन और नींद के बिना जी सकता है. भूखा-प्यासा होने पर भी वह जी सकता है लेकिन 'बेइज़्ज़त' होने पर वह जी नहीं सकता. इस 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेना होगा."

बटन दबाने की ज़रूरत

पीटीआई के अनुसार मुज़फ़्फ़रनगर के क़रीब एक अन्य बैठक में शाह ने कथित तौर पर कहा, "हमारे साथ दोयम दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया गया है. न्याय नहीं हुआ है. यह गोली से जवाब देने का समय नहीं है. मुगलों के ज़माने में बदला लेने के लिए तलवारों और तीरों का इस्तेमाल किया जाता था और अब आपको बटन दबाने की ज़रूरत है. बटन दबाइए और ज़ुल्म ढाने वालों को उनकी सही जगह पहुँचा दीजिए."

नरेन्द्र मोदी

शाह की टिप्पणी के बाद कांग्रेस के नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, "भाजपा सोनिया गांधी और शाही इमाम के बीच बैठक पर कांग्रेस पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाती है और अब उसे जवाब देना चाहिए कि क्या वह शाह के बयान को साम्प्रदायिक और भड़काऊ मानती है या साम्प्रदायिक और सौहार्द बढ़ाने वाला मानती है?"

सेक्युलर टूरिज्म

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रामगोपाल यादव ने कहा, "भाजपा कुंठित हो गई है क्योंकि उसे उत्तर प्रदेश में मनमाफ़िक़ परिणाम नहीं मिल रहे हैं. अगर उनमें हिम्मत है तो सपा की सरकार को गिरा कर दिखाएं."

आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से अमित शाह के ख़िलाफ़ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग की है. पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा कि उनकी यह टिप्पणी सांप्रदायिक सदभाव के माहौल को बिगाड़ने वाली है और भाजपा की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है.

हालांकि भाजपा को उत्तर प्रदेश के अपने प्रभारी अमित शाह के बयान में कुछ भी ग़लत नज़र नहीं आता है.

पार्टी के प्रवक्ता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां के लोगों को 'बेइज़्ज़त' किया है. यह हिन्दुओं या मुसलमानों का सवाल नहीं है."

उन्होंने कहा, "जो सेक्युलर टूरिज्म के लिए वहां गए थे, उन्होंने लोगों के ज़ख्मों पर नमक छिड़का. इस 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेने की ज़रूरत है."

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