पार्टी 'समृद्ध' और उम्मीदवार 'सबसे ग़रीब'

  • 5 अप्रैल 2014
जगबंधु गोडांगी का हलफ़नामा

ओडिशा में लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव भी हो रहे हैं. इन चुनावों में जहाँ कई उम्मीदवार अपने हलफ़नामे में करोड़ों की दौलत का ब्यौरा दे रहे हैं वहीं एक विधानसभा प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिनका दावा है कि उनके पास कोई संपत्ति नहीं है.

ओडिशा के माओवाद प्रभावित मलकानगिरी ज़िले के दुर्गम चित्रकोंडा विधानसभा क्षेत्र से 'समृद्ध ओडिशा' दल के उम्मीदवार जगबंधु गोडांगी ने नामांकन पत्र के साथ दिए गए अपने हलफ़नामे में संपत्ति से जुड़े सभी स्तंभों में 'NIL' (शून्य) लिखा है.

हलफ़नामे में गोडांगी ने जो सूचना दी है अगर वो सही है तो वो शायद इन चुनावों में राज्य के सबसे ग़रीब प्रत्याशी हैं.

बीबीसी के साथ फ़ोन पर बातचीत में गोडांगी ने दावा किया कि उन्होंने जो सूचना दी है वो शत-प्रतिशत सही है. उनकी मानें तो उनका किसी बैंक में खाता भी नहीं है.

लेकिन वे अगर सच कह रहे हैं तो फिर चुनाव का ख़र्चा वो कैसे पूरा कर रहे हैं?

इस पर उनका कहना था, "मुझे पार्टी ने बीस हज़ार रुपये दिए थे और कुछ और भी देने का वादा किया है. इसके अलावा मेरी पत्नी चित्रकोंडा के एक स्कूल में काम करती हैं और उनकी तनख़्वाह से मेरे चुनावी ख़र्चे का एक हिस्सा निकल आता है. "

उन्होंने बताया कि जिस घर में वो रहते हैं वह सरकारी ज़मीन पर बना हुआ है.

मोटरसाइकिल बेचनी पड़ी

वैसे गोडांगी मानते हैं कि पैसे की कमी उनके चुनाव जीतने की संभावना को काफी हद तक धूमिल कर सकती है.

वो कहते हैं, "दूसरी पार्टियां लाखों रुपये खर्च कर रही हैं. और मैं हूँ कि अपने चुनाव क्षेत्र में सभी जगहों पर अभी पहुँच भी नहीं पाया हूँ. जैसा कि आप जानते हैं कि यह चुनाव क्षेत्र पूरे ओडिशा का सबसे दुर्गम इलाक़ा है और अंदरूनी इलाक़ों में पहुंचना बहुत ही मुश्किल होता है. नौ दिन के बाद चुनाव है और अभी तक मैं केवल दो ब्लॉक में ही जा पाया हूँ."

मज़ेदार बात यह है कि गोडांगी ने पिछली बार भी चुनाव लड़ा था लेकिन उस समय उन्होंने अपनी संपत्ति की जो सूची हलफ़नामे में दी थी उसमें एक हीरो होंडा मोटर साइकिल शामिल थी.

इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "आर्थिक तंगी के कारण मुझे अपनी मोटर साइकिल बेचनी पड़ी."

पैसे की कमी के बावजूद उन्होंने जीतने की उम्मीद पूरी तरह से नहीं छोड़ी है. वो कहते हैं, "पिछली बार मैंने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और मुझे 4496 वोट मिले थे. इस बार मुझे पूरा विश्वास है कि मेरा प्रदर्शन पिछली बार के मुक़ाबले बेहतर होगा."

समुदाय का समर्थन

गोडांगी 'भूमिया' आदिवासी समुदाय के हैं और उनका दावा है कि उन्हें अपनी जाति-बिरादरी का पूरा समर्थन मिल रहा है.

वो बताते हैं, "मेरे चुनाव क्षेत्र में हमारे समुदाय के करीब तीस हज़ार लोग हैं इसलिए मैं जहाँ भी जाता हूँ मुझे अपने लोगों का भरपूर समर्थन मिलता है."

उनका दावा है कि सन 2007 से 2012 के बीच पोड़ाघाट ग्राम पंचायत के सरपंच के रूप में उन्होंने जो अच्छे काम किए हैं उसका भी उन्हें लाभ मिलेगा.

वो बताते हैं, "मेरी कोशिशों के कारण कई लोगों को वृद्धावस्था पेंशन और इंदिरा आवास योजना के तहत मकान मिले. यह मेरी कर्मभूमि है और मुझे यहाँ से पूरा समर्थन मिलेगा."

गोडांगी का कहना है कि उन्होंने तीन साल तक एक स्वयंसेवी संगठन के लिए भी काम किया और लोगों की समस्याओं को करीब से देखा और समझा. उनके अनुसार "यह अनुभव चुनाव में मेरी काफ़ी मदद कर रहा है."

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