साबिर अली मोदी पर नरम, नक़वी पर गरम

  • 30 मार्च 2014
साबिर अली, राज्य सभा सदस्य

भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने के अगले दिन ही पार्टी से बाहर किए गए जनता दल यूनाइटेड के पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद साबिर अली ने भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी पर तीखे हमले किए.

मुख़्तार अब्बास नक़वी ने उनके पार्टी में आने का विरोध करते हुए ट्वीट किया था, "आतंकवादी भटकल के दोस्त भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं...जल्द ही दाऊद को भी पार्टी में जगह मिलेगी."

साबिर अली ने कहा है कि उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वो निराधार हैं और ऐसा राजनीतिक लाभ के लिए किया गया है.

उन्होंने एक बार फिर नक़वी को चुनौती दी कि वो अपने आरोपों को साबित करें, वरना उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा करेंगे.

साबिर अली ने कहा कि उन्हें नक़वी को चुनौती दिए 56-57 घंटे से ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया है.

साबिर अली तो बहाना हैं, कहीं और निशाना है

साबिर अली शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे लेकिन नक़वी के विरोध के बाद शनिवार को उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया.

लेकिन साबिर अली का समर्थन करते हुए कहा है कि देश को मज़बूत नेतृत्व की ज़रूरत है.

धरना देंगी पत्नी

रविवार को एक प्रेस कांफ्रेस में साबिर अली की पत्नी यास्मीन ने कहा कि नक़वी उनके पति पर लगाए गए आरोपों पर सबूत दें या फिर माफ़ी मांगे. वरना वो नक़वी के घर के बाहर धरना देंगी.

साबिर अली ने कहा कि एक सांसद होने के नाते ये ज़रूरी है कि उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वो उनका पुरज़ोर खंडन करें.

उन्होंने कहा, "मुख़्तार साहब, राजनीति में इल्ज़ाम लगाना सबसे आसान काम होता है. इसे बंद कीजिए. अपने चेहरे की राजनीति करना बंद करो और जमीन की राजनीति करो."

सुनें साबिर अली से बातचीतः 'मैं बंधुआ मज़दूर तो नहीं'

एक सवाल के जवाब में साबिर अली ने कहा कि देश में जिस तरह से महंगाई, भ्रष्टाचार और अराजकता है, उसे देखते हुए देश को एक मज़बूत नेतृत्व की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "इस देश में अराजकता का जो दौर चल रहा है, मैं आज भी इस बात को मानता हूं कि इस देश को ऐसे मजबूत शख़्स के हाथ में जाना चाहिए जो देश की दशा और दिशा को बदले."

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