BBC navigation

सबूत दें नक़वी, वरना मानहानि का केस करेंगे: साबिर अली

 शनिवार, 29 मार्च, 2014 को 20:25 IST तक के समाचार
साबिर अली

साबिर अली ने नक़वी को दी चुनौती

भाजपा से निकाले गए साबिर अली ने पार्टी नेता मुख्तार अब्बास नक़वी को चुनौती देते हैं कि वो सोमवार तक भटकल से उनका संबंध जोड़ने के सबूत दें वरना वो उन पर मानहानि का दावा ठोंकेंगे. शनिवार को ही भाजपा ने उनकी सदस्यता निरस्त की है.

बीबीसी से बातचीत में साबिर अली ने कहा, "मैं उनको चुनौती देता हूँ कि अगर आपके पास किसी भी तरह का कोई भी सुबूत है तो सामने आ जाओ. अपने घर बुलाओ, मैं आने को तैयार हूँ. आप मेरे घर आ जाओ या तीसरा घर चुन लो. नहीं तो उन पर सोमवार को मानहानि का मुकदमा करने जा रहा हूँ."

नक़वी ने साबिर अली को पार्टी में शामिल किए जाने का विरोध करते हुए एक ट्वीट में कहा था, "आतंकवादी भटकल के दोस्त भाजपा में शामिल हो चुके हैं...जल्द ही दाऊद भी स्वीकार होगा."

साबिर अली ने कहा कि उनके ऊपर किसी तरह का कोई मामला नहीं है तो फिर ऐसे कैसे कोई भी उन पर ये आरोप लगा सकता है.

'राजनीति में बना रहूंगा'

भाजपा से निकाले जाने के बाद उन्होंने अपने अगले कदम के बारे में कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने कहा, "राजनीति में हूं और रहूंगा."

"मैं उनको चुनौती देता हूँ कि अगर आपके पास किसी भी तरह का कोई भी सुबूत है तो सामने आ जाओ. नहीं तो उन पर सोमवार को मानहानि का मुकदमा करने जा रहा हूँ."

साबिर अली, राज्यसभा सांसद

उन्होंने इस सवाल पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि क्या उनका जेडीयू छोड़ने और भाजपा में जाने का फैसला ग़लत था.

इससे पहले पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेस करके कहा कि भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने साबिर अली की सदस्यता को निरस्त करने का फ़ैसला किया है.

रविशंकर ने कहा कि ख़ुद साबिर अली ने पार्टी को एक पत्र लिखकर आग्रह किया कि जब तक उनके ख़िलाफ़ लग रहे आरोप शांत नहीं हो जाते, उनकी सदस्यता को स्थगित रखा जाए.

साबिर अली जेडीयू से राज्यसभा सांसद हैं. उन्हें कथित तौर पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करने के कारण सोमवार को पार्टी से निकाल दिया गया था जिसके बाद वो भाजपा में शामिल हुए.

हाल के दिनों में ये दूसरा मामला है जब भाजपा में शामिल किए गए किसी नेता को जल्द ही बाहर का रास्ता दिखाया गया है.

इससे पहले कर्नाटक में श्रीराम सेने के नेता प्रमोद मुतालिक को पार्टी में शामिल करने के पाँच घंटे के बाद ही बाहर निकाल दिया गया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें यहां क्लिक करें. आप हमें क्लिक करें फ़ेसबुक और क्लिक करें ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.