भारत सरकार मुझसे माफ़ी मांगे: संगीतकार नदीम

  • 20 फरवरी 2014
नदीम सैफी
नदीम सैफी पर टी सिरीज़ कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा था.

ब्रिटेन में निर्वासन में रह रहे भारतीय संगीतकार नदीम सैफी ने भारत सरकार से माफी मांगने की मांग की है. टी-सिरीज़ म्यूज़िक कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में अभियुक्त बनाए जाने के बाद से नदीम साल 2000 से निर्वासन में रहे रहे हैं.

नदीम सैफी अपने साथी श्रवण राठौर के साथ मिलकर नदीम-श्रवण के नाम से फ़िल्मों में संगीत देते थे.

नदीम-श्रवण की जोड़ी को बॉलीवुड के काफ़ी सफल संगीतकार जोड़ी के तौर पर गिना जाता था. नदीम का नाम 1997 में हुई गुलशन कुमार की हत्या की साज़िश से जुड़ा था.

हालांकि 2002 में एक भारतीय अदालत ने सबूत न होने के चलते उनके खिलाफ मामले को रद्द कर दिया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के वारंट को कभी वापस नहीं लिया गया.

न्याय चाहिए

नदीम ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को बताया, "मैं इंसाफ़ हासिल किए बगैर मरना नहीं चाहता."

बीबीसी के बॉबी फ्रिक्शन के साथ बातचीत में नदीम की आंखें नम हो गईं. उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे माता-पिता ये जाने बगैर मर जाएं कि मैं निर्दोष था."

उन्होंने कहा, "मेरे माता-पिता बिस्तर पर बीमार पड़े हैं. उन्हें देखने की मेरी इच्छा बहुत अधिक है. मुझे न्याय मिलना चाहिए. इसके लिए ये सही समय है."

1990 के दशक में बॉलीवुड में नदीम-श्रवण के संगीत का दबदबा था. नदीम सैफी अपने साथी श्रवण राठौर के साथ मिलकर धुन तैयार करते थे.

फिल्म आशिकी में उनके रोमांटिक गानों की धुन बेहद लोकप्रिय हुईं और उसके साथ ही दोनों संगीत उद्योग के शीर्ष पर जा पहुंचे. उनके साथ ही अलका याग्निक और उदित नारायण भी जाने पहचाने नाम बन गए.

हत्या के बाद के हालात

नदीम और श्रवण, संगीतकार
नदीम और श्रवण की जोड़ी को हिन्दी फ़िल्मों की सबसे सफल संगीत जोड़ियों में माना जाता है.

लेकिन 1997 में टी-सीरिज के प्रबंधक गुलशन कुमार की हत्या के बाद हालात बदल गए. गुलशन कुमार नदीम सैफी और श्रवण राठौर के संरक्षक थे और नदीम उन्हें "पापा जी" कहते थे.

जिस समय मुंबई में गुलशन कुमार की हत्या हुई, नदीम सैफी इंग्लैंड में थे और जल्द ही नदीम को इस हत्याकांड का प्रमुख संदिग्ध मान लिया गया.

पुलिस का दावा था कि गुलशन कुमार नदीम सैफी और दूसरे लोगों की साजिश का शिकार बने. मुंबई पुलिस के अनुरोध पर भारत सरकार ने नदीम सैफी को वापस लाने की कोशिश शुरू की.

बचाव में नदीम सैफी के वकीलों का कहना था कि आरोपों में कई खामियां हैं और एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वह प्रत्यर्पण से बचने में क़ामयाब हो गए.

ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "इस वादी के खिलाफ हत्या और षड्यंत्र के आरोप नेक इरादों के साथ नहीं लगाए गए हैं."

भारत सरकार की अपील के बावजूद हाउस ऑफ लार्ड्स ने इस फैसले को बनाए रखा.

केवल एक दोषी

इसके बाद 2002 में मुंबई की एक सत्र अदालत ने गुलशन कुमार की हत्या में शामिल 19 संदिग्ध नामों में सिर्फ एक व्यक्ति को दोषी पाया.

अपने आदेश में जज ने किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका से सहमति नहीं जताई.

नदीम सैफी इस फैसले के आधार पर खुद को निर्दोष कहते हैं. हालांकि उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी के वॉरंट को अभी तक निरस्त नहीं किया गया है.

इस वॉरंट को रद्द कराने के लिए उन्हें भारतीय अदालत के सामने हाजिर होना पड़ेगा, लेकिन उन्हें डर है कि उनके खिलाफ सुनवाई निष्पक्ष रूप से नहीं होगी.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "ऐसा कुछ लोगों ने जलन के चलते किया कि चलो इस अच्छे भले आदमी को फंसा दिया जाए."

नदीम सैफी ने भारत सरकार से इंसाफ की मांग की. उन्होंने कहा, "16 सालों से मैंने इतना जुल्म सहा है. मेरे बच्चों ने मुझे हमेशा रोते हुए देखा और वो भी किसलिए?"

उन्होंने कहा, "एक ऐसा अपराध जो मैंने किया ही नहीं. एक अपराध जिसके बारे में मैंने सोचा तक नहीं."

वापस जाने से किया मना

सैफी ने अपने वकीलों की सलाह के बावजूद वापस जाने से इनकार कर दिया. उनके वकील माजिद मेमन कहते हैं कि नदीम भारत से 'बाहर रहते हुए अपना नाम नहीं हटवा सकता है.'

नदीम सैफी ने 1990 के दशक के अंतिम सालों के बाद से किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग नहीं की है और उनकी जोड़ी भी टूट गई. हालांकि संगीत की दुनिया में वापसी के सवाल पर अब वह सकारात्मक जवाब देते हैं.

उन्होंने बताया, "भगवान की इच्छा हुई तो मैं अपने अच्छे संगीत की मदद से आगे बढूंगा. मेरे गीतों के प्रदर्शन का वक्त आ गया है."

वह जोर देकर कहते हैं कि संगीत की दुनिया में वापसी के लिए उनके प्रसंशक हौसला बढ़ाते हैं. उन्होंने बताया, "वे मेरे काम को याद करते हैं और मैं सोचता हूं कि ये मेरा कर्तव्य है कि जब तक मैं जीवित हूं उनकी जरूरत को पूरा करूं."

नदीम सैफी फिलहाल दुबई में कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, हालांकि रिलीज की तारीख अभी तय नहीं है.

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