मोदी से मिला, न कि किसी पाकिस्तानी या चीनी से: शरद पवार

  • 9 फरवरी 2014
शरद पवार
शरद पवार ने पहले मोदी से मुलाकात की ख़बर का खंडन किया था.

केंद्रीय कृषि मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से मिलने की बात स्वीकार की है.

कुछ दिनों पहले एक अख़बार में पवार और मोदी की मुलाक़ात की ख़बर का पवार ने खण्डन किया था.

लेकिन अब मोदी से मुलाक़ात को स्वीकारते और उसका बचाव करते हुए पवार ने कहा, "मैं अहमदाबाद में मोदी से मिला तो अख़बार वाले कहते हैं कि शरद पवार मोदी से मिले. इसमें क्या बड़ी बात है. मैं मोदी से मिला, कोई पाकिस्तान या चीन के लोगों से नहीं मिला"

उन्होंने सफ़ाई देते हुए आगे कहा, "मोदी देश के चुने हुए लोकप्रतिनिधि हैं, उनसे मिलना मेरा काम है"

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पवार ने कहा कि राजनीतिक दलों के जन प्रतिनिधियों की आपसी दुश्मनी केवल चुनाव तक सीमित रहनी चाहिए.

पवार मुंबई के थाणे में एक इंटरनेशलन इनडोर स्टेडियम के उद्घाटन के मौक़े पर बोल रहे थे.

सबने किया इनकार

नरेंद्र मोदी
शरद पवार ने कहा है कि वो नरेंद्र मोदी से जनप्रतिनिधि होने के नाते मिले थे.

31 जनवरी को पवार ने एक ट्विट (‏ @PawarSpeaks) में कहा था कि 17 जनवरी को दिल्ली में नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की एक अख़बार में छपी ख़बर पूरी तरह ग़लत है. पवार ने लिखा था, ''मैं पिछले एक साल में मोदी से नहीं मिला हूँ.''

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पवार और मोदी की मुलाक़ात के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था कि जहाँ तक मेरी जानकारी है, कहीं पर कोई मुलाक़ात नहीं हुई है.

वहीं एनसीपी के नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा था कि 17 जनवरी को 'पवार साहब' दिल्ली में नहीं पुणे में थे.

मोदी से मुलाक़ात की बात तो पवार अब स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार ये मुलाक़ात दिल्ली में नहीं बल्कि अहमदाबाद में हुई थी.

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दर असल इस मुलाक़ात की अहमियत इसलिए है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में भारतीय मीडिया में इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि एनसीपी और भारतीय जनता पार्टी एक दूसरे के क़रीब आ रहे हैं.

पवार के इस मुलाक़ात से पहले एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था, "अगर न्यायिक व्यवस्था ने फ़ैसला दे दिया है तो हमें उसका सम्मान करना चाहिए. हमें इस पर आगे सवाल नहीं उठाना चाहिए."

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