जनलोकपाल पास नहीं हुआ तो पद छोड़ दूंगा: केजरीवाल

  • 10 फरवरी 2014
अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल जनलोकपाल बिल पर कायम हैं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर जनलोकपाल को दिल्ली विधानसभा में पारित नहीं किया गया तो वो पद छोड़ देंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार केजरीवाल ने कहा, “देश से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए वो सौ बार मुख्यमंत्री की कुर्सी क़ुरबान कर सकते हैं. अगर जन लोकपाल विधेयक को पारित नहीं किया गया तो सरकार गिर जाएगी.”

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान जनता से भ्रष्टाचार को क़ाबू करने का वादा किया था.

केजरीवाल सरकार का समर्थन कर रही कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी, दोनों ही इस बिल का विरोध कर रही हैं.

केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही इस विधेयक को पास नहीं होने देंगी क्योंकि उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान हुए कॉमनवेल्थ खेलों से जुड़े घोटालों की जांच कराने का फैसला किया है जबकि पिछले सात साल से एमसीडी में राज कर रही बीजेपी के ख़िलाफ़ भी आरोप हैं.

भ्रष्टाचार अहम मुद्दा

कांग्रेस के समर्थन से सरकार चला रहे केजरीवाल ने कहा कि अगर ये बिल पास नहीं हुआ तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.

केजरीवाल ने कहा कि वो राजनीति में मुख्यमंत्री बनने नहीं आए हैं बल्कि उनका इरादा देश से भ्रष्टाचार को ख़त्म करना है.

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का कहना है कि लोकपाल विधेयक को संसद पास कर चुकी है और वह कानून बन चुका है तो ऐसा कोई भी कानून जो उसका विरोधाभासी हो, वह संवैधानिक नहीं हो सकता.

संसद में पास लोकपाल बिल के विरोधी रहे अरविंद केजरीवाल का कहना है कि भ्रष्टाचार अहम मुद्दा है और इसके लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं.

70 सदस्यों वाली विधानसभा में विनोद कुमार बिन्नी के निष्कासन के बाद आम आदमी पार्टी के 27 विधायक रह गए हैं जबकि कांग्रेस के आठ विधायक सरकार का समर्थन कर रहे हैं. विपक्षी भाजपा के पास अकाली दल के एक विधायक समेत कुल 32 विधायक हैं.

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