दस फ़ेसबुक विवाद जिन्होंने खींचा सबका ध्यान

  • 4 फरवरी 2014

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फ़ेसबुक अगर एक देश होता तो उसकी आबादी भारत जितनी होती.

कंपनी के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार दुनियाभर में करीब सवा अरब यूज़र्स इस वेबसाइट से जुड़े हुए हैं.

एक कॉलेज नेटवर्किंग टूल से इस मुकाम तक पहुंचने में फ़ेसबुक को दस साल का वक्त लगा और आज इसकी दसवीं सालगिरह भी मनाई जा रही है.

इन दस वर्षों में ये एक सोशल ऐक्टिविज़म टूल के तौर पर भी स्थापित हुआ. भारत में भी लोग खुलकर इसका प्रयोग करने लगे और मुखर होकर अपनी बात सार्वजनिक मंच पर रखने लगे.

फ़ेसबुक से सामाजिक बदलाव की कहानियों के बीच कुछ विवाद भी उपजे जिन्होंने सोशल मीडिया की भूमिका पर गंभीर बहस शुरू की. आइए एक नज़र डालते हैं ऐसे ही दस विवादों पर:

1. जब ‘आहत’ हुईं भावनाएं – शिवसेना बनाम पलघर की शाहीन और रेणु

महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर पलघर की दो लड़कियों, शाहीन ढाडा और रेणु श्रीनिवासन को पुलिस ने बाल ठाकरे की मौत के बाद मुंबई में बंद के खिलाफ़ एक फेसबुक पोस्ट लिखने और लाइक करने पर गिरफ़्तार किया था.

शाहीन ने ये पोस्ट लिखा था और रेणु ने इसे ‘लाइक’ किया था.

इन लड़कियों पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप में और आईटी ऐक्ट के तहत कार्रवाई हुई. बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया और फिर 15,000 रुपए के मुचलके पर छोड़ दिया गया.

फ़ेसबुक पोस्ट पर गिरफ्तारी के इस मामले को लेकर ज़बरदस्त विवाद उठा और दो पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया. तत्कालीन ज़िला मजिस्ट्रेट का तबादला भी किया गया.

शिवसेना ने लड़कियों के इस ‘कृत्य’ को बाल ठाकरे का अपमान माना और पलघर में बंद का आह्वान किया. शाहीन के परिजनों से संबंधित एक चिकित्सालय में तोड़फोड़ भी की गई. हुड़दंग के आरोप में पुलिस ने नौ शिवसैनिकों को गिरफ़्तार किया.

2. रॉबर्ट वाड्रा – ‘मैंगो पीपल’ विवाद

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा अपने एक फ़ेसबुक पोस्ट से विवादों में पड़ गए. उन्होंने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लिखा, “मैंगो पीपल ऑफ़ बनाना रिपब्लिक.”

वाड्रा का ये पोस्ट भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान चला रहे अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली पर कटाक्ष के रूप में देखा गया. इस विवाद से पहले ही केजरीवाल ने ये आरोप लगाया था कि वाड्रा ने रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ़ से असामान्य रूप से मदद ली.

वाड्रा के फेसबुक पोस्ट से उपजे इस विवाद के तुरंत बाद उन्होंने अपना फ़ेसबुक अकाउंट ही डिलीट कर दिया.

समाचारपत्रों के अनुसार उन्होंने अपना अकाउंट डिलीट करने से पहले उस पर लिखा, “ज़ाहिर है कि मेरे फ़ेसबुक अकाउंट में ऐसे लोग जुड़े हैं जिनमें मज़ाक सहने-समझने की शक्ति नहीं है. मैं जो भी लिखता हूँ वो ख़बर बन जाता है और बाद में उस पर चर्चाएं की जाती हैं. मैंने अपना अकाउंट डिलीट करने का फ़ैसला किया है.”

वाड्रा के ‘केला गणराज्य’ पोस्ट पर बीजेपी ने भी कड़ा विरोध जताया था और कांग्रेस से इस मामले पर सफ़ाई मांगी थी.

3. फेसबुक अपडेट पर एयर इंडिया कर्मचारियों की गिरफ़्तारी

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के दो कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की फेसबुक पर आलोचना करने पर आईटी ऐक्ट की धारा 66(ए) के तहत गिरफ़्तार कर लिया गया.

केवीजे राव और मयंक शर्मा पर मई 2012 में फेसबुक पर एयर इंडिया कर्मचारियों के ऑनलाइन ग्रुप में सुप्रीम कोर्ट के ख़िलाफ़ ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने का आरोप लगा.

दोनों का आरोप है कि उनके मामले में आईटी एक्ट का दुरुपयोग किया गया. दोनों को 12 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था.

4. आईएएस निलंबन पर पोस्ट: उत्तर प्रदेश सरकार बनाम कंवल भारती

पिछले ही साल की बात है जब उत्तर प्रदेश सरकार एक आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को बर्खास्त करने पर विवादों में घिरी थी. इस मामले ने सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के ही नहीं बल्कि देश के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचाई थी.

उत्तर प्रदेश सरकार ये विवाद सुलझा पाती इससे पहले एक और विवाद में पड़ गई. चर्चित दलित साहित्यकार कंवल भारती को राज्य की पुलिस ने उनकी एक फेसबुक पोस्ट के आधार पर गिरफ़्तार कर लिया.

भारती ने दुर्गाशक्ति के निलंबन पर राज्य सरकार की आलोचना की थी. बाद में भारती को ज़मानत मिल गई.

कुछ ही हफ्तों बाद कंवल भारती कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए, हालांकि उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते.

5. आपको याद हैं कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी?

जन लोकपाल बिल के लिए अन्ना हज़ारे के आंदोलन को काफ़ी हद तक सफल बनाने में फ़ेसबुक का बड़ा हाथ था. लेकिन इसी बीच कई विवाद भी उपजे.

कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी और उन पर देशद्रोह के आरोप ने बड़ा विवाद खड़ा किया.

फेसबुक पर शेयर किए अपने कार्टून में संविधान का मज़ाक उड़ाने के आरोप में असीम त्रिवेदी को साल 2012 में गिरफ्तार किया गया. साथ ही उनपर देशद्रोह के आरोप भी लगाए गए.

असीम की गिरफ्तारी को समाज के एक बड़े तबके ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन माना.

6. फ़ेसबुक पर आने की इजाज़त नहीं मिली तो...

महाराष्ट्र का शहर परभनी पिछले साल अक्तूबर में एक विचित्र और पीड़ादायक ख़बर के साथ राष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियों में आया.

सत्रह साल की ऐश्वर्या दहिवाल ने कथित तौर इस बात पर आत्महत्या कर ली कि उनके माता-पिता ने उन्हें फ़ेसबुक का प्रयोग करने की इजाज़त नहीं दी. उनका मानना था कि फ़ेसबुक की वजह से ऐश्वर्या की पढ़ाई पर फर्क पड़ रहा था.

भारत के सबसे विकसित राज्यों में से एक महाराष्ट्र में एक कॉलेज छात्र की आत्महत्या के इस मामले ने एक बार फिर एक गंभीर बहस शुरू कर दी.

7. ममता के कार्टून पर ‘बवाल’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक कथित आपत्तिजनक कार्टून शेयर करने पर कोलकाता के एक कॉलेज छात्र के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ.

पुलिस के अनुसार कॉलेज छात्र राम नयन चौधरी के ख़िलाफ़ तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद ने ये मामला दर्ज करवाया था.

चौधरी कोलकाता के सॉल्ट लेक के एक कॉलेज के छात्र हैं और सीपीआई-एम के छात्र संगठन एसएफ़आई के कार्यकर्ता भी हैं.

समाचार पत्रों के अनुसार इस विवाद पर उन्होंने कहा कि कार्टून में ममता बनर्जी के उद्योग विकास एजेंडा और एक ग़रीब किसान को कथित तौर पर माओवादी बताकर की गई गिरफ्तारी पर चुटकी ली गई थी.

छात्र ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके ख़िलाफ़ राजनीतिक दुर्भावना के चलते कार्रवाई की गई.

इससे पहले ममता बनर्जी जाधवपुर यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए भी सुर्खियों में आ चुकी हैं.

8. ‘बीसीसीआई गणेश’ कार्टून पर विवाद

पिछले साल नवंबर में संडे टाइम्स में छपे चर्चित कार्टूनिस्ट जोनाथन शपिरो के एक कार्टून पर फ़ेसबुक पर हंगामा खड़ा हो गया.

शपिरो के कार्टून में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को हिंदू देवता गणेश के तौर पर दिखाया गया है जिनके एक हाथ में बल्ला और बाकी तीन में नोटों की गड्डियां दिखती हैं.

सोशल मीडिया में इस कार्टून के आने के बाद कई सामुदायिक संस्थाओं ने भारत को दक्षिण अफ्रीका की सिरीज़ रद्द कर देने को कहा था.

9. कृष-3 की कमाई पर ऋतिक का पोस्ट

फ़ेसबुक विवादों से बॉलीवुड भी अछूता नहीं रहा है. चंद हफ्तों पहले फिल्म व्यापार विशेषज्ञों ने जब कहा कि आमिर खान की फिल्म ‘धूम-3’ सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई है, तो ऋतिक रोशन ने इस पर अपनी नाख़ुशी फ़ेसबुक पर ज़ाहिर कर दी.

ये उपलब्धि इससे पहले ऋतिक की फिल्म ‘कृष-3’ के नाम थी.

उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा, "कुछ फ़िल्म इंडस्ट्री के ही लोग और मीडिया का एक ख़ास वर्ग मुझे, मेरे पिता और 'कृष-3' की कामयाबी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. मैंने अब तक चुप्पी साधी थी लेकिन ये अपमानजनक हेर-फेर अब बंद होनी चाहिए."

इस टिप्पणी के बाद बॉलीवुड के गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो गईं और लोग, अपने-अपने अनुसार ऋतिक के पोस्ट का मतलब निकालने में जुट गए.

10. फ़ेसबुक बनाम कपिल सिब्बल

फ़ेसबुक पर राजनेताओं के खिलाफ़ कथित आप्पतिजनक चित्रों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सोशल मीडिया वेबसाइटों पर पोस्ट के ख़िलाफ टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने मोर्चा खोला और फेसबुक, गूगल जैसी कंपनियों से कहा कि उनकी वेबसाइटों पर पोस्ट होने वाली सामग्रियों को पब्लिश करने से पहले ही जांच कर ली जाए.

फेसबुक समेत ज़्यादातर कंपनियों ने ऐसा करने में अपनी असमर्थता जताई और कहा कि किसी सामग्री पर शिकायत आने पर ही वे कार्रवाई कर सकते हैं.

इस मामले पर सरकार और कंपनियों के बीच काफ़ी दिनों तक बहस होती रही. बाद में आईटी ऐक्ट में संशोधन भी किए गए.

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