'निर्भया' पर महिला नेता का विवादित बयान

  • 29 जनवरी 2014

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महिला नेता आशा मिर्जे के उस बयान पर विवाद पैदा हो गया है जिसमें उन्होंने महिलाओं को ही बलात्कार के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.

आशा मिर्जे ने कहा था कि ‘’महिलाएं ही एक हद तक’’ बलात्कार के लिए ज़िम्मेदार हैं और ‘’उनके कपड़े एवं व्यवहार’’ भी इसमें एक भूमिका अदा करते हैं.

आशा मिर्जे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी की सदस्य हैं जिसकी सरकार महाराष्ट्र में हैं. आशा मिर्जे महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य भी हैं.

महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों, कांग्रेस पार्टी और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने भी इस बयान की निंदा की है और कहा है कि ऐसे बयान स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

आशा मिर्जे ने बाद में अपन बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि ये उनकी ‘’निजी राय’’ थी.

बहस

भारत में जहां हर 22 मिनट में एक बलात्कार की घटना होती है वहां पिछले कुछ समय में गैंग रेप के मामलों पर बहस बढी है. 2012 में राजधानी दिल्ली में एक चलती बस में एक लड़की के बलात्कार और हत्या के बाद इन मामलों में बहस होने लगी है.

आशा मिर्जे का ये विवादास्पद बयान नागपुर में आया था जहां वो पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं.

उनका कहना था कि दिल्ली में निर्भया नामक जिस लड़की के साथ गैंग रेप हुआ था वो क्यों अपने दोस्त के साथ नाइट शो देखने गई थी. आशा मिर्जे ने उस फोटो पत्रकार के गैंग रेप पर भी टिप्पणी की जो अपने काम के दौरान शक्ति मिल्स में बलात्कार का शिकार हुई थी.

टीवी चैनल एनडीटीवी के अनुसार आशा मिर्जे ने कहा था, ‘’ निर्भया को रात के 11 बजे अपने दोस्त के साथ फिल्म देखने क्यों जाना था. शक्ति मिल्स का मामला देखिए. वो लड़की शाम छह बजे के बाद ऐसी जगह पर गई ही क्यों.’’

उनका कहना था, ‘’ रेप होते हैं क्योंकि महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, उनका व्यवहार ठीक नहीं होता और वो गलत स्थानों पर जाती हैं.’’

मिर्जे के बयान के बाद महिला संगठनों ने कड़ी नाराज़गी जताई और राजनीतिक दलों ने उनके बयान की निंदा की है.

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