विपक्ष 3000 वर्षों की सोच नहीं मिटा पाएगा: राहुल गांधी

  • 17 जनवरी 2014
राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अब तक का अपना सबसे आक्रामक भाषण देते हुए विपक्ष पर तीखे प्रहार किए हैं और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र के देश को कांग्रेस-मुक्त बनाने के आहवान का करारा जवाब दिया है.

राहुल गांधी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियाँ गिनाने के साथ-साथ विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, "कांग्रेस एक सोच का नाम है जिसका मतलब भाईचारा, प्रेम और इज़्ज़त है जो भारत की 3000 साल पुरानी सोच है. पिछले 3000 साल में तो ये सोच मिटी नहीं और यदि किसी ने इस सोच को मिटाने का प्रयास किया है तो वो ख़ुद मिट गया है."

दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनावी जंग में एक योद्धा की तरह सर उठाकर जाने को कहा.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इससे पहले ही साफ़ कर दिया था कि राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने का कांग्रेस कार्यसमिति का फ़ैसला अंतिम है.

धाराप्रवाह हिंदी और अंग्रेज़ी में राहुल गांधी बोले, "हमने आपको लोकपाल बिल, सूचना का अधिकार और अन्य बिल दिए.....विपक्ष ने साल दर साल संसद के कामकाज में रुकावटें पैदा की हैं. कांग्रेस अब संसद में छह बिल लाना चाहती है. खड़े हो जाओ, लड़ जाओ, बिल पास कराने हैं..."

गंजों को हेयर कटिंग

राहुल गांधी

विपक्षी दलों को पैकेजिंग, सेल्स, चमक और नाच-गाने में माहिर बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रही है जबकि विपक्ष गंजों को कंघे बेच रहा है और कुछ अन्य गंजों की हेयर-कटिंग भी कर रहे हैं. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लोकपाल आरटीआई, नरेगा, कर्ज़ा माफ़ी जैसे हथियार दिए हैं.

राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों से कहा कि वह संसद में लंबित छह विधेयकों को अगले तीन महीने में पास करवाएं चाहे इसके लिए उन्हें लड़ना भी पड़े.

राहुल गांधी ने कहा, "आज मीडिया क़ानून बना रहा है, न्यायपालिका क़ानून बना रही है लेकिन जिन्हें क़ानून बनाने के लिए जनता ने चुना है वे इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं. उन्हें इस प्रक्रिया में वापस लाना होगा."

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "आरटीआई का कानून हमने दिया है. किसी ने नहीं कहा, किसी ने हम पर दबाव नहीं डाला. कांग्रेस पार्टी ने खुद यह पहल की. हमने सोचा कि देश को सरकार के बारे में जानना चाहिए."

गुरुवार को ही कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष बनाए गए राहुल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आज राजनीति की पैकेजिंग और सेल्स का ज़माना है. आज कोई भी समझौता नहीं करना चाहता है, लोग भागीदारी चाहते हैं और वे सही हैं.

उन्होंने कहा, "हम शिकायतें नहीं करते, हम ये भी बताते हैं कि उनके बारे में क्या किया जाना है.

"हम लोकतंत्र के मूल्यों के ख़िलाफ़ जाकर इन समस्याओं का हल नहीं खोजते. हम धर्मनिरपेक्षता पर आघात कर के समस्या का हल नहीं खोजते."

आधी मुख्यमंत्री महिला हों

सोनिया गांधी

राहुल ने मंच से प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए मांग की कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या नौ से बढ़ाकर 12 की जाए.

उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने को लेकर उनकी कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों से बात हुई है और वह इस दिशा में काम भी कर रहे हैं, जिसका असर हरियाणा में दिखना शुरू हो गया है- "हरियाणा में सब्ज़ियों के दाम कम भी हो गए हैं."

महिलाओं की भागीदारी पर ज़ोर देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "यूपी में मैं एक संस्था चलाता हूं. वहां महिलाओं ने मुझे सिखाया कि जब तक देश में महिलाओं की इज़्ज़त नहीं होगी, उन्हें शक्ति नहीं दी जाएगी देश आगे नहीं बढ़ सकता."

महिलाओं की लड़ाई लड़ने का वायदा करते हुए उन्होंने कहा कि अगले साल कांग्रेस अधिवेशन में महिलाओं की भागीदार बढ़नी चाहिए- कम से कम आधा हॉल महिलाओं से भरा होना चाहिए.

राहुल गांधी ने कहा, "जितने भी राज्यों में कांग्रेस सरकारें हैं उनमें से आधे की मुख्यमंत्री महिलाएं होनी चाहिएं."

'सच बोलते हैं'

राहुल गांधी, सोनिया गांधी

विपक्ष पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि भारत और कांग्रेस एक दिशा में जा रहे हैं, विपक्ष किसी और दिशा में जा रहा है.

उन्होंने कहा, "हमने आपको लोकपाल बिल दिया, विपक्ष ने साल दर साल संसद में रुकावटें पैदा की हैं."

बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "विपक्षी कहते हैं कि कांग्रेस मुक्त देश चाहिए, कांग्रेस को देश से निकालो. लेकिन विपक्षी हिंदुस्तान के इतिहास को नहीं जानते, हिस्ट्री नहीं पढ़ते."

"कांग्रेस पार्टी एक संगठन नहीं है, एक सोच है. यह सोच हमारे दिल में है. यह सोच भाईचारे की सोच है, प्रेम की सोच है, इज़्ज़त की सोच. यह सोच मुझमें है, आपमें है, हिंदुस्तान में है."

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के लोग सच बोलते हैं लेकिन विपक्ष के नहीं- विपक्षी जो चाहें वह बोलते हैं.

उन्होंने कहा कि विपक्षियों की मार्केटिंग बहुत अच्छी, "ये गंजों को कंघे बेचने वाले लोग हैं."

आम आदमी पार्टी पर तंज करते हुए उन्होंने कहा, "अब नए लोग आए हैं. पहले वाले गंजों को कंघे बेचते थे. ये गंजों के बाल काट रहे हैं. गंजों का 'हेयर कट' कर रहे रहे हैं. आप इनकी बातों में नहीं आइए."

अंतिम फ़ैसला

सोनिया, मनमोहन, राहुल

इससे पहले अपना भाषण शुरू करने से पहले ही सोनिया गाँधी ने साफ़ कर दिया था कि राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने का कांग्रेस कार्य समिति का फ़ैसला अंतिम है.

सोनिया का भाषण ख़त्म होते ही पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा, "क्या राहुल जी के अलावा दूसरा नाम है. क्या पार्टी में राहुल गाँधी का कोई विकल्प है? क्या कांग्रेस में कभी नेतृत्व को लेकर दुविधा रही है?"

द्विवेदी की बात से जब कार्यकर्ता नहीं माने तब खुद राहुल गाँधी ने कहा कि पार्टी के फ़ैसले को लेकर मेरे मन में क्या है यह मैं अपने भाषण में स्पष्ट कर दूंगा.

प्रधानमंत्री महमोहन सिंह ने अपने भाषण में विश्वास जताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष (राहुल गांधी) पार्टी में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेंगे.

उन्होंने कहा, "वह कांग्रेस के मूलभूत सिद्धांतों और मूल्यों पर ज़ोर दे रहे हैं और हमें यकीन है कि इस तरह हम ज़रूर सफ़लता की नई ऊंचाइयों को छुएंगे. मुझे इस बात में कोई शक नहीं है कि 2014 के चुनाव प्रचार में में हम पूरी सफ़लता प्राप्त करेंगे."

इससे पहले राज्य सभा सदस्य और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस अध्यक्ष से कहा, "आम हमें राहुल दें, हम आपको भारत देंगे." उन्होंने कहा, "अगला चुनाव महात्मा गांधी और नाथुराम गोडसे की विचारधारा के बीच है. हमारे पास नेतृत्व है और कांग्रेस को इसका ऐलान करना चाहिए."

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