छत्तीसगढ़ः 'नजर लागी राजा तोरे बंगले पे'

  • 19 जनवरी 2014
रमन सिंह

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह के 81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले घर को लेकर विवाद शुरू हो गया है.

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि अकेले मुख्यमंत्री रमन सिंह के लिए जितना पैसा खर्च करके मकान बनाया जा रहा है, उतने में तो 16,200 इंदिरा आवास बनाए जा सकते हैं.

वहीं आम आदमी पार्टी ने भी मुख्यमंत्री के लिए बनाए जाने वाले घर पर निशाना साधा है.

इस विवाद के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अपने लिए बनाए जाने वाले घर का प्रस्ताव नए सिरे से बनाने की बात कही है. लेकिन आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह बयान केवल विवाद को शांत करने की कोशिश है.

दूसरी ओर मुख्यमंत्री के पक्ष में भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस को राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री निवास के बारे में भी विचार करना चाहिए, जहां एक पूरा नगर बसाया जा सकता है.

नया रायपुर

छत्तीसगढ़ में नई राजधानी रायपुर शहर से लगभग 24 किलोमीटर दूर बसायी जा रही है. इसे 'नया रायपुर' नाम दिया गया है.

छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रालयों समेत कई कार्यालय यहां बन चुके हैं और उनमें कामकाज भी शुरु हो चुका है. ताज़ा विवाद इसी नए रायपुर में बनने वाले मुख्यमंत्री निवास को लेकर शुरु हुआ है.

नया रायपुर का निर्माण करने वाली सरकारी एजेंसी 'नया रायपुर विकास प्राधिकरण' के जनसंपर्क अधिकारी विकास शर्मा के अनुसार नया रायपुर में मुख्यमंत्री निवास और राजभवन के लिए ज़मीन का चुनाव कर के प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है.

मुख्यमंत्री निवास का जो नक़्शा और प्रस्ताव वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया है, उसके अनुसार मुख्यमंत्री का विशाल घर लगभग 5.28 लाख वर्गफीट यानी 12 एकड़ ज़मीन पर बनाया जाएगा. इस घर को बनाने में 81 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है.

जाहिर है, दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पाँच कमरों के मकान को लेकर सवाल खड़े करने वाली भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सवाल-जवाब होने ही थे. इस पर पहली प्रतिक्रिया आम आदमी पार्टी की आई.

आप का हमला

आम आदमी पार्टी
इसके खिलाफ पहली प्रतिक्रिया आम आदमी पार्टी की आई है.

छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के नेता सुबीर राय कहते हैं, "छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने जीरो टॉलरेंस और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही थी. जिस राज्य में लाखों लोगों के सिर पर छत नहीं हो, वहां एक अकेले मुख्यमंत्री और उनके परिवार के लिए 81 करोड़ का घर बनाना भ्रष्टाचार का एक बेशर्म नमूना है."

कांग्रेस पार्टी भी भला इस मुद्दे पर चुप कैसे रहती.

कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार का हाउसिंग बोर्ड 400 वर्ग फीट में गरीबों के लिए मकान बनाता है और जितनी जगह में अकेले मुख्यमंत्री का घर बनाया जा रहा है, उतनी जगह में केवल 58.50 करोड़ रुपये की लागत से 1300 मकान बन जाएंगे.

शुक्ला कहते हैं, "81 करोड़ रुपये में 16,200 इंदिरा आवास बनाए जा सकते हैं, जहां इतने ही परिवार को छत मिल जाएगी. लेकिन अकेले मुख्यमंत्री के लिए इतने पैसे खर्च करना फिजूलखर्ची और जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे को बेदर्दी से लुटाने वाला फैसला है."

भाजपा का पलटवार

भाजपा भी इस मुद्दे पर चुप कहां रहने वाली थी. उसने भी पलटवार किया और राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री निवास को लेकर सवाल खड़े किए.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शिवरतन शर्मा का कहना है कि नया रायपुर में प्रस्तावित घर रमन सिंह के लिए नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के लिए बनाया जा रहा है. सुरक्षा और ज़रुरत के हिसाब से बनाए जाने वाले इस घर के निर्माण को इतना संकुचित तरीके से देखना ठीक नहीं है.

शिवरतन शर्मा कहते हैं, "मुख्यमंत्री निवास से राज्य की गरिमा जुड़ी हुई है. ठीक उसी तरह, जैसे राष्ट्रपति भवन या प्रधानमंत्री भवन की गरिमा है. कांग्रेस जिस संकुचित तरीके से सवाल उठा रही है, उसका जवाब तो यही हो सकता है कि इन दोनों भवनों में तो एक छोटा शहर बसाया जा सकता है."

हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने घर को लेकर शुरू हुए इस विवाद से दुखी हैं. उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री के लिए नया रायपुर में घर बनना चाहिए और आने वाले पांच सालों में इसकी आवश्यकता होगी. लेकिन वह छत्तीसगढ़ के अनुरूप हो, सादगी वाला हो और सुरक्षा के लिहाज से बेहतर हो. इसलिए हमने नए सिरे से प्रस्ताव बनाने के लिए कहा है."

लेकिन आम आदमी पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान केवल विवाद को शांत करने की कोशिश है और आम आदमी पार्टी इस पर नज़र बनाए रखेगी.

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