आप और टीम अन्ना के रास्ते अलग: किरण बेदी

  • 15 दिसंबर 2013

अन्ना हजारे की प्रमुख सहयोगी और पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी का कहना है कि आम आदमी पार्टी और अन्ना टीम के रास्ते पूरी तरह से अलग हो चुके हैं.

बीबीसी के साथ बातचीत में किरण बेदी ने कहा कि अन्ना को गुमराह करने जैसे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और ऐसे आरोप वही लोग लगा रहे हैं जो कि लोकपाल कानून के संसद में पेश होने के बाद झल्लाए हुए हैं.

वो कहती हैं कि अन्ना के अनशन में गोपाल राय और उनके साथियों ने जिस तरह से व्यवहार किया उससे साफ पता चलता है कि वो लोग यहां व्यवधान पैदा करने आए थे.

उनका कहना था, "ये सारे लोग लोकपाल की नींव थे लेकिन आज लोकपाल पारित हो रहा है और वो इस आंदोलन से अलग हो गए हैं तो झल्लाहट में अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं. अन्ना पर गुमराह होने का आरोप लगा रहे हैं. आखिर अन्ना को कौन गुमराह कर सकता है."

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अब राजनीतिक पार्टी बन गई है इसलिए उसके लिए भी अब राजनीतिक हित मायने रखने लगे हैं. जनलोकपाल के लिए आंदोलन के समय सब एक थे लेकिन इन लोगों ने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया.

भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश

ये पूछे जाने पर कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली विधान सभा चुनाव में मिली अप्रत्याशित जीत की वजह क्या है, तो किरण बेदी का कहना था, " आप पार्टी को जीत मिली है वो लोगों के गुस्से का नतीजा है. लोग भ्रष्टाचार से बेहद दुखी थे. दूसरे भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अन्ना का आंदोलन पिछले तीन साल से चल रहा था, उन सबने राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ लोगों को खड़ा कर दिया."

किरण बेदी कहती हैं कि यदि हम लोग अन्ना को गुमराह कर रहे हैं तो ये लोग यानी आम आदमी पार्टी के लोग क्या कर रहे हैं.

किरण बेदी के मुताबिक ये लोग तो देश को गुमराह कर रहे हैं क्योंकि यदि सही जनलोकपाल संसद में बन रहा है तो क्या सच बोलना गलत है. हमने तो दोनों ही पार्टियों को इसके लिए धन्यवाद दिया है.

किरण बेदी के मुताबिक जनलोकपाल जो हम लोग चाहते थे, संसद में पेश किया गया बिल लगभग उसी तरह का है और आज यदि संसद उसे पास कर रही है तो फिर दिक्कत क्या है. उनका कहना है कि लड़ाई जनलोकपाल के लिए थी और वो हमें अब मिल रहा है तो जिंदगी भर हम विरोध प्रदर्शन के लिए थोड़ी बने हुए हैं.

उनका कहना था कि अन्ना ने ये कहा है कि यदि पूरा जनलोकपाल नहीं मिला है तो भी जो मिल रहा है उसे चलने दो. बाद में उसमें बदलाव कर लिया जाएगा.

वो कहती हैं कि अच्छे काम करने पर भी यदि आप तारीफ नहीं करते तो लोग आपको शक की निगाह से देखने लगते हैं. ये ठीक नहीं है.

आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए किरण बेदी ने कहा कि लोकपाल को जोकपाल कहना देश को गुमराह करना है. आज जब राजनीतिक दल मिलकर कोई अच्छा काम कर रहे हैं तो उन्हें ये करने नहीं दिया जा रहा है.

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