एक-एक मुद्दे पर देंगे केजरीवाल को जवाबः कांग्रेस

  • 14 दिसंबर 2013
शकील अहमद
कांग्रेस नेता शकील अहमद का कहना है कि वह जल्द ही अरविंद केजरीवाल के सवालों का जवाब देंगे

कांग्रेस का कहना है कि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनाने के सिलसिले में जिन 18 मुद्दों की बात की है, उन पर वो जल्द ही जवाब देगी.

केजरीवाल ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर पार्टी के मुद्दे गिनाए हैं और कहा है कि अगर वे इन पर तैयार हैं तो आप दिल्ली में सरकार बनाने के लिए उनका समर्थन ले सकती है.

इन 18 मुद्दों में दिल्ली में वीआईपी कल्चर बंद करना, जनलोकपाल बिल पारित करना, दिल्ली में 'स्वराज' की स्थापना, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा, महिलाओं को सुरक्षा के लिए विशेष बल बनाना और झुग्गी बस्तियों में रहने वालों को पक्के मकान देना जैसी बातें शामिल हैं.

पार्टी के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने बीबीसी को बताया कि केजरीवाल का पत्र उनके पास भेजा गया है और वे उसका अध्ययन कर रहे हैं. वे जल्द से जल्द उसका जवाब दे देंगे

मंत्रियों की जांच

शकील अहमद ने कहा, "ये दिल्ली का मामला है और मैं दिल्ली का प्रभारी हूं इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने वो ख़त मेरे पास भेज दिया है. हम केजरीवाल द्वारा उठाए गए मुद्दों को समझ रहे हैं. एक या दो दिन में हम उन्हें मुद्देवार जवाब भेज देंगे."

कांग्रेस के मंत्रियों की जाँच के सवाल पर शकील अहमद ने कहा कि हम इसका भी जवाब देंगे और हमें उम्मीद है कि केजरीवाल को हमारा जवाब क़बूल होगा.

पत्र में उठाए गए मुद्दों पर शकील अहमद ने कहा, "ज़्यादातर मुद्दे ऐसे है जिनके लिए राज्य सरकार को किसी से पूछने की ज़रूरत नहीं है. राज्य सरकार इन पर स्वयं फ़ैसला ले सकती है. यदि केजरीवाल सरकार में हो सकते हैं तो वे खुद अपने से फ़ैसला ले सकते हैं इसके लिए उन्हें किसी से भरोसा लेने की ज़रूरत नहीं है."

केजरीवाल ने कहा है, "यदि कांग्रेस और भाजपा अपने कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों की जाँच करवाने के लिए तैयार होते हैं तो हम उनका समर्थन लेने के लिए तैयार हैं."

'सीएम बनने नहीं आए'

इससे पहले शनिवार सुबह केजरीवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाक़ात की.

आम आदमी पार्टी संकल्प पत्र
अरविंद केजरीवाल ने सोनिया गांधी और राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर आप के मुद्दों पर राय स्पष्ट करने को कहा है.

इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए में उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने बिना शर्त और बीजेपी ने मुद्दों पर आधारित समर्थन देने की बात कही है. लेकिन कोई भी समर्थन बिना शर्त के नहीं होता. हम यह जानना चाहते हैं कि इन दोनों पार्टियों की मंशा क्या है. इसलिए हमने इन्हें पत्र लिखकर 17-18 मुद्दों पर अपनी राय स्पष्ट करने के लिए कहा है."

केजरीवाल ने कहा, "हम राजनीति में सत्ता हासिल करने या सीएम बनने के लिए नहीं आए. हम आम आदमी हैं. महंगई और भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं. हम इन मुद्दों को ख़त्म करने आए हैं."

केजरीवाल ने उपराज्यपाल से सरकार बनाने के लिए दस दिन का वक़्त मांगा है. केजरीवाल ने कहा है कि वह जनता से राय लेकर सरकार बनाएंगे.

ये हैं केजरीवाल के 18 मुद्दे

इससे पहले शुक्रवार शाम कांग्रेस ने बिना किसी शर्त के आम आदमी पार्टी का समर्थन करने की चिट्ठी उप राज्यपाल को भेजी थी.

कांग्रेस ने अपनी चिट्ठी में कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार बनाए और जनता से किए गए अपने वादे पूरे करे. पार्टी ने समर्थन के लिए कोई शर्त नहीं रखी है.

कांग्रेस के समर्थन पत्र पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इससे आश्चर्य हुआ है. वे कांग्रेस के समर्थन करने की असल मंशा को जानना चाहते हैं.

उलझा हुआ गणित

केजरीवाल ने कांग्रेस के समर्थन करने की नीयत पर सवाल उठाया है. इस पर शकील अहमद ने कहा, "हम दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं चाहते हैं इसलिए केजरीवाल को बिना शर्त समर्थन दे रहे हैं. साथ ही दिल्ली की जनता पर बार-बार चुनाव का बोझ न पड़े इसलिए हमने उन्हें समर्थन देने की बात कही है. यदि वे सरकार बनाने का तैयार हैं तो हमारा समर्थन उनके साथ है."

दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिल पाने के कारण उप राज्यपाल ने पहले सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता दिया था. हालांकि बीजेपी ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया.

अरविंद केजरीवाल
दिल्ली में सबसे बड़ा दल बीजेपी सरकार बनाने में असमर्थता जता चुका है.

दिल्ली विधानसभा में बीजेपी के पास 32 (अकाली दल की एक सीट सहित), आम आदमी पार्टी के पास 28 और कांग्रेस के पास 8 सीटें हैं. जनता दल यूनाइटेड का एक विधायक जीता है और एक विधायक निर्दलीय है.

बीजेपी द्वारा सरकार बनाने से इनकार करने के बाद अब नजीब जंग ने आम आदमी पार्टी नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है.

'इश्क, गेम और राजनीति'

इससे पहले शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कई दौर की बैठकें की. बैठक में दिल्ली में सरकार बनाने पर विचार किया गया.

बीजेपी के सरकार न बनाने के बाद आम आदमी पार्टी ने सभी विकल्पों पर विचार किया है. पार्टी के स्वयंसेवकों से भी सरकार बनाने के बारे में राय ली गई है.

इससे पहले शुक्रवार को जारी एक बयान में पार्टी ने दोहराया था कि वे न किसी पार्टी से समर्थन लेंगे और न ही किसी पार्टी को समर्थन देंगे.

सरकार के गठन को लेकर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी की कई बैठकें हुईं. हालाँकि बैठकों के बाद अंतिम फ़ैसला अरविंद केजरीवाल पर छोड़ दिया गया है.

इससे पहले बैठक के बाद पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट किया, "इश्क, गेम और राजनीति बिना शर्त के नहीं होते."

अरविंद केजरीवाल की दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाक़ात में दस दिन का वक़्त मांगने के बाद अब एक बार फिर सवाल वही रह गया है क्या अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम बनेंगे?

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