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न समर्थन देंगे, न लेंगे: आम आदमी पार्टी

 मंगलवार, 10 दिसंबर, 2013 को 11:53 IST तक के समाचार
अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण

दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर गतिरोध अब भी बना हुआ है. अब आदमी पार्टी ने दोहराया है कि वो न तो कांग्रेस और भाजपा को समर्थन देगी और न समर्थन लेगी.

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने आज कांग्रेस और बीजेपी को समर्थन देने या लेने से इनकार कर दिया.

केजरीवाल ने कहा, "हम किसी से समर्थन नहीं लेंगे और न किसी को समर्थन देंगे. बीजेपी और कांग्रेस मिलकर सरकार क्यों नहीं बनाते. दोनों की विचारधारा एक है. दोनों भ्रष्टाचार करती हैं, दोनों अपराध करती हैं. बीजेपी को लोगों ने आदेश दिया है. कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना लें."

उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी बहुत छोटी पार्टी है. ये आम आदमी पार्टी की लड़ाई नहीं है पूरे देश की लड़ाई है. मैं सारी अच्छी राजनीतिक ताकतों से अपील करना चाहता हूं कि सब जुड़ जाएं. हमारे साथ आ जाएं. हम हट जाएंगे आपको तवज्जो देंगे."

नतीजे आने के बाद से अब तक दोनों ही पार्टियां विपक्ष में बैठने की बात कर रही थीं लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण के बयान से लग रहा था कि आम आदमी पार्टी भाजपा को समर्थन दे सकती है.

'समर्थन नहीं'

अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि आम आदमी पार्टी विपक्ष में बैठना पसंद करेगी.

सोमवार को आम आदमी पार्टी के नेता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने समाचार चैनल एनडीटीवी से कहा, "अगर भाजपा ये हमें लिखकर दे दे कि वो 29 दिसंबर तक जनलोकपाल बिल पास कर देंगे और दिल्ली में जनसभाएं बनाएंगे, जैसा कि आम आदमी पार्टी ने वादा किया था, हम भाजपा को समर्थन पर विचार कर सकते हैं. लेकिन भाजपा से ये उम्मीद करना कि वो रातों-रात ऐसा करेंगे व्यावहारिक नहीं है."

लेकिन मंगलवार को आम आदमी पार्टी की राजनीतिक समिति की बैठक के बाद प्रशांत भूषण ने कहा कि भाजपा को समर्थन नहीं दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, "जनता ने हमको समर्थन दिया वो इसलिए दिया कि हम देश और दिल्ली में एक वैकल्पिक राजनीति कायम कर सकें इसलिए हम भाजपा और कांग्रेस, जिनके ख़िलाफ़ ये पार्टी खड़ी हुई है, उन्हें न तो हम समर्थन दे सकते हैं और न ले सकते हैं."

अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा, "जो मेरी टिप्पणी, जो एक टेलीविज़न चर्चा में जिसकी बात हो रही है वो एक व्यंग्य था, जिसमें मैंने कहा था कि भाजपा आम आदमी पार्टी की तरह बन जाए और वही चीज़ करने लगे जिस वैकल्पिक राजनीति और व्यवस्था परिवर्तन के लिए आम आदमी पार्टी बनाई गई है तब समर्थन के बारे में सोचा जा सकता है लेकिन वो संभव नहीं है."

किसी को बहुमत नहीं

इस बीच मंगलवार को दिल्ली में भाजपा विधायक दल की बैठक भी होगी. भारतीय जनता पार्टी को 8 दिसंबर को घोषित नतीजों में 31 सीटें मिली हैं जबकि आम आदमी पार्टी को 28 सीटें हासिल हुई हैं. कांग्रेस को आठ और अन्य को तीन सीटें मिली हैं.

भाजपा अगर अन्य विधायकों को भी साथ मिला ले तो भी वो बहुमत से दूर रहेगी.

आम आदमी पार्टी कांग्रेस या भाजपा के समर्थन से सरकार बना सकती है लेकिन उसने कहा है कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनानी चाहिए.

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