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'साहेब' जासूसी प्रकरण की सीबीआई जाँच हो: प्रदीप शर्मा

 शनिवार, 23 नवंबर, 2013 को 18:39 IST तक के समाचार
अमित शाह नरेंद्र मोदी

गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महिला आर्किटेक्ट की जासूसी प्रकरण के मामले में सीबीआई जाँच की माँग की है.

वेबसाइट कोबरा पोस्ट और गुलेल डॉट कॉम द्वारा जारी किए गए एक ऑडियो में गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह कथित तौर पर गुजरात के आईपीएस अधिकारी गिरीश सिंघल को एक महिला की जासूसी के लिए कह रहे हैं. इसी बातचीत में प्रदीप शर्मा का का ज़िक्र भी है.

प्रदीप शर्मा ने अदालत से वेबसाइटों द्वारा जारी किए गए जासूसी से संबंधित ऑडियो का संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इसमें इस बात के सबूत हैं कि राज्य सरकार ने उन्हें फ़र्ज़ी मामलों में फंसाने की कोशिशें की थीं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में प्रदीप शर्मा ने कहा, "याचिका के साथ संलग्न दस्तावेज़ों और ट्रांस्क्रिप्ट का संज्ञान लेकर सीबीआई को मामला दर्ज कर नरेंद्र मोदी सरकार, अमित शाह और अन्य लोगों द्वारा टेलीग्राफ़ एक्ट 1885 और अन्य क़ानूनों के उल्लंघन की जाँच करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए."

भ्रष्टाचार के आरोप

अपनी याचिका में प्रदीप शर्मा ने कहा कि उन्हें नरेंद्र मोदी और महिला आर्किटेक्ट के बीच की नज़दीकियों के बारे में जानकारी होने कारण निशाना बनाया गया.

गिरीश सिंघल

आईपीएस अधिकारी गिरीश सिंघल ने अमित शाह की बातचीत को रिकॉर्ड कर टेप सीबीआई को पेश किए थे.

प्रदीप शर्मा ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के ग़लत कार्यों का पर्दाफ़ाश करने वाले गुजरात के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा का भाई होने के कारण भी उनका उत्पीड़न किया गया.

1984 बैच के आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा के ख़िलाफ़ साल 2008 में गुजरात के कच्छ जिले में निजी कंपनियों को ज़मीन आवंटित करने के आरोपों में छह आपराधिक मामले चल रहे हैं. अपनी याचिका में उन्होंने इन मामलों की जाँच सीबीआई से करवाने की माँग की है.

प्रदीप शर्मा ने कहा, "ऑडियो टेप उनके ख़िलाफ़ गुजरात सरकार के पक्षपात और पूर्वाग्रहों को और उन्हें किसी भी तरह आपराधिक मामलों में फँसाने की इच्छा को दर्शाते हैं." उन्होंने कहा कि ये ऑडियो टेप उनकी इन आशंकाओं की पुष्टि भी करते हैं.

शर्मा की अंतिम पोस्टिंग भावनगर के नगर आयुक्त के तौर पर थी. उन्हें कच्छ भूकंप के पुनर्वास कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार के मामलों में 6 जनवरी 2010 को गिरफ़्तार किया गया था.

विकल्प नहीं

अपनी याचिका में प्रदीप शर्मा ने कहा है कि गुजरात सरकार उन्हें निशाना बना रही है. उन्होंने कहा, "याची 2002 के दंगों के बाद से नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कई ग़लत कार्यों को सामने लानेवाले आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा के भाई हैं."

याचिका में कहा गया, "दोनों भाइयों के बीच बेहद मज़बूत रिश्ते हैं और दोनों बचपन से ही एक दूसरे के क़रीब रहे हैं. कुलदीप शर्मा के प्रति पूर्वाग्रह पैदा करने के लिए ही याची को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है."

महिला आर्किटेक्ट की जासूसी के मामले में महिला के पिता ने बयान जारी करते हुए कहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी से अपनी बेटी की रक्षा करने का आग्रह किया था. समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार प्रदीप शर्मा ने कहा है कि लड़की के पिता के पास और कोई विकल्प ही नहीं था.

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