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चुनावी विज्ञापनों की जंग, कहीं 'फेंकू' तो कहीं 'शहजादा'

 सोमवार, 18 नवंबर, 2013 को 23:44 IST तक के समाचार

मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैदान से साथ-साथ अखबारों में छप रहे विज्ञापन भी कड़े मुकाबले का अहसास करा रहे हैं.

दोनों प्रमुख पार्टियों के विज्ञापन युद्ध में पार्टियों की रीति-नीति, कामकाज और विचारधारा के स्‍तर पर तो हमले किए ही जा रहे हैं, पहली बार व्‍यक्तिगत स्‍तर पर भी विज्ञापनों के जरिए हमले बोले जा रहे है.

कांग्रेस के एक विज्ञापन से राज्‍य के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इतने विचलित हो गए कि उन्‍होंने कांग्रेस अध्‍यक्ष क्लिक करें सोनिया गांधी को कानूनी नोटिस भिजवा दिया है.

दरअसल, इस विज्ञापन में कांग्रेस ने क्लिक करें शिवराज सिंह चौहान, उनकी पत्‍नी, साले और भाई को लपेटा था. यह विज्ञापन 13 नवम्‍बर को मध्‍य प्रदेश के सभी अखबारों में प्रकाशित हुआ था जिसका शीर्षक था 'मुखिया के मुंह पर ताला, लालची परिवार ने पूरा प्रदेश लूट डाला.'

10 करोड़ का मानहानि नोटिस

शिवराज ने क्लिक करें कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को भेजे 10 करोड़ के मानहानि नोटिस में उस विज्ञापन को फ़र्ज़ी तथ्‍यों का पुलिंदा बताते हुए उनसे सार्वजनिक माफ़ी मांगने को कहा है.

नोटिस में कहा गया है कि इस तरह के आरोप चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी लगाए थे.

सोनिया के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भी भेजा नोटिस.

इन आरोपों के जवाब में कोर्ट में परिवाद पेश किया गया था जिस पर आरोपकर्ता कोई साक्ष्‍य पेश नहीं कर पाए. शिवराज ने सोनिया के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कांतिलाल भूरिया को अलग से दो करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजवाया है.

नोटिस में मांग की गई है कि 15 दिनों में इस विज्ञापन को बिना शर्त वापस लिया जाए अन्‍यथा आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का दावा किया जाएगा. यह पहली बार होगा जब विज्ञापन पर किसी राजनीतिक दल ने विरोधी दल को नोटिस भिजवाया है.

इससे पहले कांग्रेस भी भाजपा के एक विज्ञापन की शिकायत चुनाव आयोग से लेकर राष्‍ट्रपति तक कर चुकी है. उस विज्ञापन में सेना प्रमुख और सेना के चित्रों का इस्‍तेमाल किया गया था. यही नहीं विज्ञापन में तिरंगे में लिपटे ताबूत भी दिखाए थे.

विज्ञापन में सीमा पर अनियंत्रित हालात होने की बात भी कही गई थी. कांग्रेस ने इस मामले में राष्‍ट्रपति से आग्रह किया है कि भाजपा के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

वैसे भी इस बार के चुनाव में विज्ञापनों में ज्‍यादा तीखे हमले किए जा रहे हैं. कांग्रेस सिर्फ शिवराज सिंह चौहान को टारगेट बना कर चल रही है. शिवराज अक्‍सर सभाओं में कहते हैं, ''कांग्रेस किसी भी तरह से मेरी छवि खराब करने पर तुली हुई है. उसे सपने में भी शिवराज ही नजर आता है.''

भाजपा भी पीछे नहीं

कांग्रेस शिवराज के साथ नरेंद्र मोदी पर भी साध रही निशाना.

कांग्रेस के विज्ञापनों की श्रृंखला में शिवराज और उनकी पत्‍नी साधना सिंह के केरीकेचर के साथ सरकार की कथित तमाम असफलताओं और भ्रष्‍टाचार के मामले खोले जा रहे हैं. इसमें बताया जा रहा है कि किस तरह भाजपा के 10 साल में प्रदेश बदहाल हुआ है.

'भाजपा, 10 साल बनाम 50 साल' शीर्षक से विज्ञापनों की श्रृंखला चला रही है जिसमें शिवराज सरकार के तमाम विकास कार्यों का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार के कामकाज से इसकी तुलना की गई है.

पार्टी ने अर्थव्‍यवस्‍था की बिगड़ती स्थिति और महंगाई को भी अपने विज्ञापनों में मुद्दा बनाया है. भाजपा ने क्लिक करें राहुल गांधी के चुनावी दौरों के समय 'शहजादे' संबोधन से विज्ञापन जारी किया था तो कांग्रेस ने इसकी काट में नरेन्‍द्र मोदी के दौरे के समय उन्‍हें 'फेंकू' संबोधित करते हुए विज्ञापन जारी किया है.

इस विज्ञापन में शिवराज सिंह चौहान को भी 'घोषणावीर मामा' संबोधित करते हुए लपेटा गया है. विज्ञापन कहता है ''घोषणावीर मामा द्वारा आयोजित भाजपा हास्‍य सम्‍मेलन, गुजरात के फेंकू का आनंद उठाइए.''

विज्ञापन में क्लिक करें नरेन्‍द्र मोदी के चंद्रगुप्‍त मौर्य, सिकंदर, तक्षशिला को लेकर दिए गए बयान की खिल्‍ली उड़ाते हुए कहा गया कि 'ग्राहक देखकर पुड़िया देते हैं फेंकू'.

चुनाव में अभी एक हफ्ते का समय शेष हैं. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि दोनों ओर से विज्ञापनों के हमले और भी तीखे हो सकते हैं.

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