सत्ता के लालच में सस्ती राजनीति न करें: मनमोहन सिंह

  • 9 नवंबर 2013
फाइल चित्र
मनमोहन सिंह भी चुनाव प्रचार में हिस्सा ले रहे हैं

छत्तीसगढ़ में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और रमन सिंह सरकार की तीखी आलोचना की है.

अपने भाषण में मनमोहन सिंह ने कहा कि भाजपा की छ्त्तीसगढ़ सरकार कई क्षेत्रों में असफल रही है.

प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का नाम लिए बगैर तंज़ भरे स्वर में कहा कि सत्ता के लालच में किसी भी नेता को सस्ती राजनीति का रास्ता अख़्तियार नहीं करना चाहिए.

चुनाव से जुड़े तथ्य

मनमोहन सिंह ने कहा, "हम विपक्षी पार्टियों की सरकारों की आलोचना करेंगे क्योंकि हम उनसे असहमत हैं पर हमें अपना संयम खोकर विपक्षी नेताओं के विरुद्ध ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए जो अपमानजनक हों और पार्टी की गरिमा के ख़िलाफ़ विरुद्ध हों. इस मामले में हमें भाजपा से अलग रहना है. भाजपा के कुछ नेता दूसरे पार्टियों के नेताओं के ख़िलाफ़ ख़राब भाषा प्रयोग करते हैं. किसी भी राजनीतिक दल का मक़सद सत्ता में आना होता है. लेकिन सत्ता के लालच में सस्ती राजनीति नहीं करनी चाहिए."

जमकर गिनाई उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं पर नक्सली हमले का ज़िक्र किया और भाजपा को आड़े हाथों लिया.

उनका कहना था, "चुनावों को देखते हुए विपक्षी पार्टियों के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, जो तथ्यों पर आधारित नहीं है. भाजपा के एक नेता ने कहा है कि 25 मई को हमले के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने कितनी संवेदना के साथ काम किया लेकिन इस बात का ज़िक्र नहीं किया कि सुरक्षा में कितनी गंभीर कमी थी कि कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता दर्दनाक तरीक़े से मारे गए. इस बात का ज़िक्र नहीं किया गया कि सिर्फ़ राजनीतिक मतभेदों की वजह से भाजपा सरकार ने कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की."

मनमोहन सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि कई भाजपा नेता अति उत्साह में भारत का इतिहास और भूगोल तक बदल देते हैं.

मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में केंद्र की यूपीए सरकार की उपलब्धियाँ गिनवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का तारीफ़ की जाती है लेकिन यह नहीं बताया जाता कि इसे चलाने के लिए 90 फीसदी पैसा केंद्र से आता है. उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग के बावजूद छत्तीसगढ़ का उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था.

प्रधानमंत्री का कहना था कि सिर्फ़ कांग्रेस ही देश को नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता रखती है और ऐसा विकास देने की भी जिसमें आर्थिक तरक़्क़ी हो, सामाजिक न्याय हो और सांप्रदायिक सौहार्द्र हो.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 सीटों पर मतदान होगा. मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है. पिछले दस साल से यहाँ भाजपा की सरकार है. मतदान 11 और 19 नंवबर को होना है और नतीजे आठ दिसंबर को आएँगे.

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