मुज़फ़्फ़रनगर हिंसा मामले में आठ गिरफ़्तार

  • 31 अक्तूबर 2013
मु़ज़फ्फ़रनगर

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में बुधवार को हुई ताज़ा हिंसा में तीन लोग मारे गए हैं.

मुज़फ्फ़रनगर के एसएसपी प्रवीन कुमार ने बीबीसी से बातचीत में आठ लोगों की गिरफ्तार की पुष्टि की और कहा कि बाकी लोगों की खोज जारी है.

प्रवीन कुमार के अनुसार ये हिंसा किसी छोटी से बात से शुरू हुई जब मोहम्मदपुर रायसिंह और हुसैनपुर कला में रहने वाले दो समुदायों के बीच कुछ कहासुनी हुई. इसके बाद मारपीट हुई जिससे जाट समुदाय के एक व्यक्ति को चोट लग गई.

कुमार के अनुसार जाट समुदाय के जिस व्यक्ति को चोट लगी उसने मोहम्मदपुर रायसिंह गाँव में गाँव वालों को फ़ोन किया, तो लोग घटनास्थल पर पहुँचे.

प्रवीन कुमार बताते हैं कि मुस्लिम समुदाय के बाकी लोग वहाँ से भाग गए, लेकिन जो बच गए उनकी और जाट समुदाय के लोगों के बीच मारपीट हुई जिसमें तीन लोग मारे गए.

कुछ रिपोर्टों के अनुसार ये सांप्रदायिक हिंसा का नतीजा है.

पीटीआई के अनुसार, घटना के बाद इलाके में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है और कई बड़े अधिकारी इलाके में गश्त लगा रहा है.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही है.

उधर मारे गए एक व्यक्ति मेहरबान के रिश्तेदार ने हथियार बरामद किए जाने के आरोपों से इनकार किया.

उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "मेहरबान बेहद सीधे व्यक्ति थे. वो गाँव में बस ड्राइवर थे. वो तो खेतों में भैंस के लिए चारा लेने गए थे. गाँव वालों को घटना के बारे में उसी वक्त पता चला कि मेहरबान के साथ गए तीन व्यक्ति वापस लौटे और उन्होंने घटना के बारे में जानकारी दी."

हिंसा

सितंबर में मुज़फ़्फ़रनगर में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी जिसमें 60 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. उस हिंसा से पीड़ित लगभग 50 हज़ार लोग अब भी राहत शिविरों में गुज़र बसर कर रहे हैं.

जिस क्षेत्र में ताज़ा हिंसा हुई है वो पिछले महीने हुई सांप्रदायिक हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित था.

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले में हिंदू-मुस्लिम दंगों से राज्य के अन्य इलाक़ों में भी तनाव पैदा हो गया था.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हिंसा और तनाव को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया गया था और उनकी सरकार को भी बर्ख़ास्त करने की मांग की गई थी.

इस घटना ने काफ़ी तूल पकड़ लिया था और इसकी वजह से राज्य सरकार की काफ़ी किरकिरी हुई थी. घटना के लिए ज़िम्मेदार कुछ विधायकों समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.

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