छत्तीसगढ़: 15 नाबालिग़ों से रेप पर तीन को उम्र क़ैद

  • 31 अक्तूबर 2013
सरकारी कन्या आश्रम में नाबालिग बच्चियों से बलात्कार का ये मामला जनवरी में प्रकाश में आया.

छत्तीसगढ़ में 15 नाबालिग़ आदिवासी लड़कियों से बलात्कार के बहुचर्चित झलियामारी कांड में शामिल तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है. इसके अलावा इस बलात्कार कांड में सहयोग करने के दोषी पाए गए पांच अन्य लोगों को एक से पांच साल तक की सज़ा सुनाई गई है.

इस मामले में कांकेर की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने राज्य शासन को 15 पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों को सात-सात लाख का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है.

ग़ौरतलब है कि कांकेर ज़िले के झलियामारी गांव में सरकारी कन्या आश्रम में कई नाबालिग़ बच्चियों के बलात्कार का मामला इसी साल जनवरी में उजागर हुआ था. इन आदिवासी बच्चियों के साथ पिछले कई सालों से दुष्कर्म किया जा रहा था.

बलात्कार की पीड़ा झेल रही एक बच्ची के अभिभावक ने कलेक्टर को पत्र लिख कर इस मामले की शिकायत की थी. इसके बाद जब जांच हुई तब पता चला कि इस सरकारी कन्या आश्रम के चौकीदार दीनानाथ नागेश और शिक्षाकर्मी मन्नूराम गोटा पिछले कई सालों से लड़कियों के साथ बलात्कार कर रहे थे.

जांच में पता चला कि दोनों आरोपी शराब पी कर आते थे और आश्रम के हॉल में ही किसी भी लड़की के साथ बलात्कार करते थे. आरोप था कि लंबे समय से चल रहे बलात्कार के इस घिनौने खेल में इस आश्रम की वार्डन बबीता मरकाम भी शामिल थीं. पीड़ित आदिवासी बच्चियां आश्रम से निकाले जाने के डर से इस बारे में किसी को कुछ भी बताने से डरती थीं.

विधानसभा में हंगामा

मामला उजागर होने के बाद राज्य भर में इस मामले को लेकर कई दिनों तक हंगामा मचा रहा. विधानसभा में कई दिनों तक यह मामला छाया रहा. अंततः आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामला शांत हुआ.

बुधवार को इस मामले में कांकेर की फ़ास्टट्रैक कोर्ट ने सरकारी कन्या आश्रम के चौकीदार दीनानाथ नागेश और शिक्षाकर्मी मन्नूराम गोटा को आजीवान कारावास की सज़ा सुनाई. इसके अलावा आश्रम की वार्डन बबीता मरकाम को भी इस मामले में बराबरी का दोषी मानते हुये उन्हें भी आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई.

फ़ास्टट्रैक कोर्ट ने झलियामारी के उपसरपंच सकालूराम, पंच लच्छूनताम, खंड शिक्षा अधिकारी एसएस नवर्जी और सहायक खंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र नायक को पांच-पांच साल क़ैद की सज़ा सुनाई है. अदालत ने सहायक शिक्षक सागर कटलाम को भी एक साल की सज़ा सुनाई है.

इस फ़ैसले के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य भर के कई आश्रमों में इस तरह के मामले सामने आये हैं. कांग्रेस प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा- “इस मामले में अदालत का फ़ैसला आने के बाद राज्य सरकार की विफलता ज़ाहिर हो गई है. कम से कम राज्य के मुख्यमंत्री और आदिवासी मामलों के मंत्री केदार कश्यप को तो अपने पद से इस्तीफ़ा देना ही चाहिए.”

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