नीरा राडिया: छह नए मामले सीबीआई को

  • 17 अक्तूबर 2013
कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया
नीरा राडिया और कई जानी-मानी हस्तियों के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत के टेप मीडिया में लीक हुए थे.

नीरा राडिया टेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नौकरशाहों और उद्यमियों साथ हुई बातचीत के आधार पर छह मामले सीबीआई को जाँच के लिए सौंपे हैं.

हालांकि अदालत ने इन मामलों का ख़ुलासा नहीं किया, लेकिन सीबीआई से कहा है कि वो दो महींनों के भीतर जाँच पूरी करें और रिपोर्ट अदालत को सौंपे.

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि टेलीफ़ोन की बातचीत से संकेत मिलते हैं कि निजी लोगों ने अपने फ़ायदे के लिए ग़लत तरीकों का इस्तेमाल किया.

अदालत ने नीरा की टेलीफोन की बातचीत के विश्लेषण के लिए एक विशेष दल नियुक्त किया था. इस दल की रिपोर्ट के आधार पर ही अदालत ने छह मामले सीबीआई को सौंपे.

अब इस मामले में 16 दिसंबर को सुनवाई होगी.

मूल रिकार्ड नहीं

इसी साल अगस्त में केन्द्र सरकार नीरा राडिया के टेलीफ़ोन टैप करने के लिए अधिकृत किए जाने से संबंधित मूल रिकॉर्ड उच्चतम न्यायालय में पेश नहीं कर सकी थी, जिसे अदालत ने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया.

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सरकार को उस समय शर्मसार होना पड़ा था जब मूल रिकॉर्ड पेश करने में उसकी असफलता के बाद न्यायालय ने फ़ोन टैपिंग पर उसके दृष्टिकोण को सुनने से इनकार कर दिया.

पिछले साल अगस्त में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वो मीडिया में लीक हुए विवादित नीरा राडिया टेप के स्रोत का पता नहीं कर पाई है.

मामला

कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया की कंपनी टाटा समूह और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के लिए जनसंपर्क का काम किया करती थी.

इस साल की शुरुआत में नीरा राडिया की विभिन्न उद्योगपतियों, राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और पत्रकारों से फ़ोन पर हुई बातचीत के ब्यौरे मीडिया में प्रकाशित हुए थे.

इस बातचीत के बाद से ही 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे.

इन टेप्स में देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा से फ़ोन पर की गई बातचीत भी शामिल है.

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