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नवीन पटनायक: 36 घंटे में नौ लाख निकाले

 मंगलवार, 15 अक्तूबर, 2013 को 12:12 IST तक के समाचार
नवीन पटनायक, ओडीशा

पटनायक मानते हैं कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी.

ओडीशा में आए भयंकर तूफ़ान से निपटने के उपायों पर हो रही तारीफ़ के बारे में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि उन्होंने ये सब चुनावी फ़ायदे के लिए नहीं किया.

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि सफल आपदा प्रबंधन का फ़ायदा उन्हें अगले चुनावों में होगा तो इस पर पटनायक ने कहा, "मैंने तो इस बारे में सोचा भी नहीं. हमारा काम लोगों की मदद करना, उन्हें बचाना और उन्हें सहारा देना है."

ओडीशा को पर्याप्त केंद्रीय सहायता ना दिए जाने के मसले पर नवीन पटनायक केंद्र की आलोचना करते रहे हैं तो क्या इस बार भी वो नाख़ुश हैं?

इस सवाल के जवाब में वे खुलकर तो नहीं बोले लेकिन इतना ज़रूर कहा कि "नुकसान की आकलन रिपोर्ट जब तैयार हो जाएगी तो हम केंद्र को भेज देंगे. मैंने प्रधानमंत्री से बात की है."

समय पर क़दम उठाए जाने से क्लिक करें तूफ़ान का मुक़ाबला करने में प्रशासन सफल भले ही रहा हो लेकिन इस वजह से जो डर पैदा हुआ उससे सामान की कमी हो गई औऱ दाम अचानक बढ़े. लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

ओडीशा, तूफ़ान

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ ओडीशा में पायलिन तूफ़ान से क़रीब ढाई लाख घर तबाह हो गए हैं.

इस पर पटनायक कहते हैं, "ये दो तीन जगह पर हुआ ज़रूर था लेकिन हमने क़दम उठाए हैं और अब स्थिति ठीक है."

चुनौतियां

सबसे बड़ी चुनौती पर पटनायक कहते हैं कि ‘’हमारी पहली प्राथमिकता थी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना.’’

वो कहते हैं, "हमने 36 घंटे के अंदर क़रीब नौ लाख लोगों को वहां से निकाला. मेरे ख़्याल से ये हमारे देश में इस तरह का पहला मौक़ा रहा होगा जहां इतने बड़े पैमाने पर लोगों को क्लिक करें हटाया गया. अब लोगों को राहत पहुंचाना हमारा काम है ताकि उन्हें खाना और चिकित्सीय सुविधाएं मिलें. घरों और फसल को हुए नुकसान का आकलन भी शुरू हो चुका है."

आपदा प्रबंधन

आपदा से निपटने में मिली सफलता का श्रेय वे अपने प्रशासन, मौसम विभाग और नागरिक समाज को देते हैं.

पटनायक कहते हैं, "मैं नागरिक समाज, राज्य प्रशासन और मीडिया का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने लोगों को लगातार जानकारी मुहैया कराई."

पटनायक कहते हैं, "हमने साल 1999 के तूफ़ान और बाद में आई बाढ़ से भी काफ़ी सबक सीखा है. इसका नतीजा आप देख सकते हैं. इस दफ़ा काफ़ी काम हुआ है."

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