पायलिन: बिजली गुल, एटीएम बंद, पानी के लाले

  • 13 अक्तूबर 2013
ओडीशा
लोगों में घबराहट, बिजली और पानी का संकट.

ओडिशा के तटीय इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रहे चक्रवाती तूफ़ान पायलिन से एक तरफ़ जहां स्थानीय लोग लोग घबराए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ़ बहुत सारे पर्यटक भी इसमें फंसे हुए हैं.

सुबह से ही तेज़ हवाओं ने इलाक़े को अपनी ज़द में ले रखा है. ओडीशा सरकार ने पहले ही से तटीय इलाक़ों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का इंतज़ाम कर दिया है.

लेकिन कई लोग राज्य सरकार पर पर्यटकों के लिए उचित उपाय न किए जाने का आरोप लगा रहे हैं.

बीबीसी ने ऐसे ही कुछ लोगों से बातें की और उनकी समस्या जानने की कोशिश की.

युगब्रत कर, टूर ऑपरेटर, पुरी

हम स्वयंसेवक के तौर पर यहां रुके हुए हैं. हमारा काम घबराए हुए पर्यटकों को जानकारी देना है. यहां पर ज्यादातर पर्यटक पश्चिम बंगाल से आए हैं और आम तौर पर उनकी ट्रेनें शाम को होती हैं. सिर्फ़ एक ट्रेन सुबह को होती है. जो लोग उसमें गए तो गए, बाक़ी यही हैं. और उनके जाने के लिए बस वग़ैरह का प्रबंध भी नहीं है.

यहां मौजूद कई लोगों का मानना है कि ये जगन्नाथ का धाम है, इसलिए उन्हें कुछ नहीं होगा, जबकि कई लोग लोग घबराए हुए हैं और समझ नहीं आ रहा है कि घर कैसे जाएं. सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरा प्रयास कर रही है लेकिन पर्यटकों के लिए जितना करना चाहिए था उतना नहीं हुआ है.

इससे पहले जब 1999 में यहां बड़ा तूफ़ान आया था जब मीडिया का ज्यादा प्रभाव नहीं था. लेकिन अब मीडिया में हर जगह इसके बारे में बात हो रही है. इससे लोग घबरा रहे हैं. हो सकता है कि ये सच है. लेकिन जो भी जानकारी सामने आ रही है, उसमें कोई इसकी तुलना कटरीना से कर रहा और कोई इसे सुपर साइक्लोन बता रहा है. सभी टीवी चैनलों पर इसे लेकर विश्लेषण हो रहे हैं, इससे भी लोगों में घबराहट हो रही है.

गौतम साहू, पर्यटक

पुरी में माहौल ख़राब है. हम किसी भी तरह वहां से निकले हैं. एक बस बुक कर हम लोग भुवनेश्वर पहुंचे और अब कोलकाता जा रहे हैं. पुरी से निकलने में दिक्क़त आ रही है.

हम लोग जिस रास्ते से निकले थे वो रास्ता भी बंद हो गया था. बस वाले ने किसी और रास्ते से हमें भुवनेश्वर पहुंचाया. पुरी में लोग घबराए हुए हैं. कल रात से ही अफ़रा-तफ़री का माहौल है.

कल रात से प्रशासन ने सबको वहां से निकल जाने के कहा है. शनिवार सुबह नौ बजे सभी एटीएम बंद थे, बिजली नहीं थी, पानी की भी समस्या थी.

पलाश हलदर, पर्यटक

पुरी
जगन्नाथ पुरी की यात्रा पर गए कई श्रृधालू भी फंसे हुए हैं.

हम फंस गए हैं और पुरी से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है. शनिवार शाम की जिस ट्रेन से हमारा पश्चिम बंगाल में घर वापसी का रिजर्वेशन था वह ट्रेन रद्द हो गई है.

बिजली नहीं है, बारिश हो रही है और टीवी केबल कुछ नहीं चल रहा है. कुछ पता नहीं लग रहा है. अब जो होगा देखा जाएगा.

प्रिया सौरभ, पर्यटक

कल रात ही प्रशासन के लोगों ने हमारा होटल ख़ाली करा दिया था. वैसे तो खाने-पीने की कोई दिक्क़त नहीं थी लेकिन होटल में दूध आना बंद हो गया था जिससे चाय नहीं मिल रही थी.

सुबह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ दिखी, सब वहां से तुरंत निकलना चाहते थे.

हम लोगों को जानकारी मिली की चार-पांच स्पेशन ट्रेन कैंसिल हो गई है. लेकिन ट्रेन में टीटी भी यात्रियों का काफ़ी सहयोग कर रहे हैं.

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