पुलिस को शक नारायण साईं देश छोड़कर भाग सकते हैं

  • 7 अक्तूबर 2013

यौन उत्पीड़न की नई शिकायत के एक दिन बाद विवादों में घिरे आसाराम के बेटे नारायण साईं के खिलाफ सूरत पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है.

इस सिलसिले में देश के सभी हवाई अड्डों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. पुलिस को आशंका है कि नारायण साईं देश से बाहर भाग सकते हैं, इसलिए ये नोटिस जारी किया गया है.

आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर सूरत के जहांगीरपुरा थाने में शारीरिक शोषण का केस दर्ज हुआ है.

हालाँकि आसाराम आश्रम की ओर से जारी एक बयान में इन सभी आरोपों का खंडन किया गया है.

आसाराम के ख़िलाफ़ दो सगी बहनों ने लंबे समय तक शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है.

एफ़आईआर में कहा गया है कि बड़ी बहन का यौन शोषण आसाराम ने और छोटी बहन का शोषण उनके बेटे नारायण साईं ने किया.

पत्नी-बेटी पर भी आरोप

एफ़आईआर में आसाराम की पत्नी और बेटी के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज कराई गई है. एफ़आईआर में आसाराम की पत्नी लक्ष्मी और बेटी भारती का भी नाम है.

दोनों पर बलात्कार में मदद करने का आरोप है. लुकआउट नोटिस आसाराम की पत्नी और बेटी के खिलाफ भी जारी किया गया है.

इस पर आसाराम आश्रम के बयान के अनुसार, "एक और सुनियोजित साज़िश के तहत छह अक्तूबर को सूरत के एक ही परिवार की दो सगी बहनों को मोहरा बनाकर बापूजी और नारायण साईं जी पर बलात्कार एवं यौन शोषण का तथा बापूजी की सुपुत्री भारती और धर्मपत्नी लक्ष्मी पर धमकी देने का आरोप लगवाया गया है, जो कि पूर्णतः झूठा, निराधार और मनगढ़ंत है."

सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना के मुताबिक़ पुलिस को जानकारी मिली थी कि नारायण साईं देश से भागने की कोशिश कर सकते हैं.

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नारायण साईं को गिरफ्तार किया जा सकता है.

पुलिस कमिश्नर अस्थाना ने कहा,“नारायण साईं के ख़िलाफ़ सूरत पुलिस जांच शुरू कर चुकी है. आसाराम के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर अहमदाबाद पुलिस को भेज दी गई है, क्योंकि अपराध अहमदाबाद में हुआ है.”

मामला 2002-04 के बीच का

ताज़ा मामला 2002 से 2004 के बीच का है. पुलिस को शक है कि जिस दौरान यौन शोषण हुआ होगा, उस वक़्त एक बहन नाबालिग़ रही होगी.

बड़ी बहन के मुताबिक़, आसाराम ने अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में उसके साथ 2001 से 2007 के बीच कई बार बलात्कार किया.

छोटी बहन ने शिकायत दर्ज कराई है कि नारायण साईं ने कई जगह उसका बलात्कार और शारीरिक शोषण किया.

एफ़आईआर के मुताबिक़ छोटी बहन 2002 से 2004 तक आश्रम में साधक रही. छोटी बहन को थोड़े समय के लिए आसाराम के हिम्मतनगर आश्रम में संचालिका भी बनाया गया था.

बताया गया है कि बड़ी बहन आसारामकी आयुर्वेदशाला में दवा बनाने में मदद करती थी. दोनों बहनों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने ऊपर अत्याचार का विरोध करना शुरू किया, तो उन्हें 'परेशान किया गया और फिर चोरी का झूठा आरोप लगाकर निकाल दिया गया'.

आश्रम की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "जिन सगी बहनों से आरोप लगवाया गया है, वे गरीब घर की हैं. यह सम्भावना प्रबल हो जाती है कि इन्हें बड़ा प्रलोभन देकर आरोप लगाने के लिए तैयार किया गया है."

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