नौ रातें नाच गाने और मस्ती के नाम

6 अक्तूबर 2013 अतिम अपडेट 13:55 IST पर

नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही गरबा और डांडिया की धूम है. मुंबई के कई पंडालों में नवरात्रि की रौनक बढ़ गई है और लोग मस्ती में झूमते नज़र आ रहे हैं.
गरबा-डांडिया
गुजरात के गरबा का अपना एक ख़ास अंदाज़ है. लड़के-लड़कियां इसमें सज-धजकर नाचते हैं. आजकल लोग अपने चेहरे पर गरबा के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए स्टिकर भी चिपकाते हैं. (सभी तस्वीरें-वैभव दीवान)
गरबा-डांडिया
गरबा अब सिर्फ़ गुजरात तक सीमित नहीं. देश के विभिन्न हिस्सों में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया से जुड़े आयोजन कराए जाते हैं, जिनमें सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.
गरबा-डांडिया
गरबा में पहने जाने वाली इस पारंपरिक पोशाक को केडिया कहते है. इसे सिर्फ लड़के पहनते है. केडिया के साथ पहने जाने वाले आभूषण को हसदी कहा जाता है.
गरबा-डांडिया
गरबा पूरे परिवार का आयोजन है. ऐसे में बच्चे भी सजकर इस त्योहार का लुत्फ़ उठाने पहुंचते हैं.
गरबा-डांडिया
गरबा खेलने आईं लड़कियों के वस्त्रों को चन्या चोली कहा जाता है. इस विशेष परिधान का वज़न क़रीब पांच किलो होता है और यह पोशाक कई सजावटी चीज़ों से बनती है.
गरबा-डांडिया
नवरात्रि की पहली रात मुंबई में धूमधाम से मनी. रंगारंग पोशाक पहने कई टोलियां अपने दोस्तों के साथ गरबा डांडिया करने पहुंचीं.
गरबा-डांडिया
नवरात्रि के इस उत्सव पर गायिका फाल्गुनी पाठक ने हर साल की तरह इस साल भी गुजराती और हिंदी गाने गाकर हज़ारों लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया.
गरबा-डांडिया
सूरत, अहमदाबाद, मुंबई ही नहीं बल्कि अमरीका से आए सैलानियों ने भी नवरात्रि की पहली रात डांडिया का आनंद लिया. विदेशों में भी गरबा नाइट का आयोजन होता है.
गरबा-डांडिया
बड़े मंच पर मौजूद फाल्गुनी पाठक के सामने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. इस पंडाल में आने वाले एक व्यक्ति की टिकट 550 रुपए रखी गई थी. नवरात्रि ख़त्म होने तक फाल्गुनी यहाँ रोज़ गाएंगी.
गरबा-डांडिया
गरबा में हिस्सा लेने के लिए बच्चे भी बड़ों की तरह सजधजकर पहुंचते हैं. इस साल भी गरबा-डांडिया के लिए उनमें खूब उत्साह देखा जा रहा है.
गरबा-डांडिया
गिटार, ढोल, ड्रम, डफली और कई वाद्य यंत्रों के साथ फाल्गुनी पाठक का 50 सदस्यीय बैंड "ताथैय्या" लगातार दो घंटे बिना रुके प्रस्तुति देता है, तो इनकी धुनों पर गरबा करने वाले में खूब जोश दिखने लगता है.