बचाव पक्ष के वकील के बयान पर विवाद

  • 15 सितंबर 2013
दिल्ली गैंगरेप, वकील, एपी सिंह, बयान, विवाद

दिल्ली गैंगरेप मामले में बचाव पक्ष के वकील के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. वकील एपी सिंह ने कहा है कि अगर उनकी बेटी ने विवाह से पहले यौन संबंध बनाए होते और वह रात में अपने ब्वायफ्रेंड के साथ घूमती तो वे उसे ज़िंदा जला देते.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह ने यह बात शनिवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में कही. उनके बयान को दिल्ली बार काउंसिल और दूसरे ग़ैरसरकारी संगठनों ने गंभीरता से लिया है.

पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में हाल ही में अदालत ने चार दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई है. एपी सिंह चार में से दो दोषियों विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के वकील हैं.

बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह ने कहा था, ‘एक महिला को कहीं न कहीं पुरुष का संरक्षण चाहिए होता है.…कई संगठनों और पत्रकारों ने मुझसे सवाल किए कि आपकी बहन या बेटी होती तो आप क्या करते, तो मेरा यह मानना है कि मेरी बेटी या बहन शादी से पहले इस तरह के संबंधों को प्राथमिकता दे या चाल-चलन खराब करे, तो अपने फार्महाउस पर सभी परिवारवालों के सामने मैं ऐसी बहन-बेटी के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की हिम्मत रखता हूं, जज़्बा रखता हूं. मैं उस राजसी परिवार से हूं, जहां इस तरह के चरित्र को बर्दाश्त नहीं किया जाता.'

लिखित शिकायत मांगी

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दिल्ली गैंगरेप मामले में बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह के बयान को दिल्ली बार काउंसिल ने गंभीरता से लिया है.

दिल्ली बार काउंसिल के सचिव मुरारी तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि उन्हें ग़ैरसरकारी संगठनों और दूसरे संगठनों से एपी सिंह के बयान पर मौखिक शिकायतें मिली हैं.

तिवारी ने कहा है, ‘हम उनके बयान की निंदा करते हैं और उनसे इस पर जवाब-तलब किया जाएगा. सिंह ने जो कुछ कहा है उसके बारे में काउंसिल में उनसे पूछताछ की जाएगी.’

इस बीच काउंसिल ने सामाजिक संस्थाओं को लिखित में अपनी शिकायत भेजने को कहा है.

सचिव मुरारी तिवारी के मुताबिक़, ‘हमने उनसे लिखित में शिकायत मांगी है. अगर हमें कोई लिखित शिकायत नहीं मिलती, तो हम स्वत: संज्ञान लेते हुए 20 सितंबर की बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे. बैठक की विषयसूची जल्द तैयार की जाएगी और 45 सदस्यों में वितरित की जाएगी.’

'प्रोफ़ेशनल कदाचार'

उनका कहना है कि एपी सिंह का बयान ‘प्रोफ़ेशनल कदाचार’ की श्रेणी में आता है और काउंसिल उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकती है.

काउंसिल के अध्यक्ष सूर्यप्रकाश खत्री ने भी बयान की निंदा की है और कहा है कि किसी एडवोकेट को ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए.

वकील एपी सिंह ने इससे पहले शुक्रवार को कहा था कि दोषियों को फांसी की सज़ा अदालत ने दबाव में दी है. इसके बाद कई सामाजिक संगठनों ने बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया से उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग की थी. वहीं, गैंगरेप पीड़ित लड़की के पिता ने कहा है कि एपी सिंह पर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने सीधे-सीधे अदालत के फ़ैसले पर उंगली उठाई है.

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