मोदी के विरोध में आडवाणी अब भी हैं 'अटल'

  • 13 सितंबर 2013
आडवाणी-मोदी (फ़ाइल)

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने को लेकर पिछले चंद दिनों से बैठकों का जो सिलसिला चल रहा है वो शुक्रवार को भी जारी रहा.

हालांकि लाल कृष्ण आडवाणी के उनके नाम पर सहमति को लेकर अभी तक कोई संकेत सामने नहीं आए हैं.

मामले पर आडवाणी के घर दोपहर के समय एक बैठक फिर से हुई.

बैठक में आडवाणी के अलावा लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी शामिल थे.

सहयोगी दल

आडवाणी के घर से बाहर निकलते वक़्त सुषमा स्वराज ने कहा कि अभी संसदीय बोर्ड की बैठक को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है.

इस बीच पार्टी के उम्मीदवार के नाम की घोषणा के मामले पर भाजपा सहयोगी दलों से भी बातचीत कर रही है.

पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से फ़ोन पर बातचीत की है और उन्हें सूचना दी है कि पार्टी मोदी के नाम की घोषणा उम्मीदवार के तौर पर करने जा रही है.

राजनाथ सिंह और उद्धव ठाकरे के बीत बातचीत की ख़बर शिव सेना नेता संजय राउत के हवाले से आई है.

हालांकि राजनाथ सिंह के फोन पर शिव सेना प्रमुख की क्या प्रतिक्रिया रही ये सामने नहीं आई है क्योंकि पहले उद्धव ठाकरे के एक बयान को सुषमा स्वराज को पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में माना गया था.

गठबंधन एकजुट

ख़बरों के मुताबिक़ राजनाथ सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री और सहयोगी पार्टी अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल को भी मोदी की उम्मीदवारी को लेकर सूचित किया है.

अकाली दल के नेता नरेश गुजराल ने कहा है कि मोदी की उम्मीदवारी को लेकर गठबंधन एकजुट है.

भाजपा का एक पुराना सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी को लेकर ही पार्टी से अलग हुआ था.

इस मामले को लेकर पार्टी के भीतर भी भारी अंतरकलह रहा है. जहां आडवाणी और उनके गुट के कुछ नेता मोदी के नाम का विरोध कर रहे हैं वहीं गुरूवार को बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने खुलकर आडवाणी के रूख़ का विरोध किया.