आज़म के बचाव में मुलायम, पार्टी ने बदला सुर

  • 12 सितंबर 2013
मुलायम सिंह यादव
मुजफ्फरनगर के दंगों में अबतक 40 से अधिक लोगों के मौत की ख़बरें हैं

समाजवादी पार्टी में आज़म ख़ान पर हो रहे तीखे प्रहारों और तेज़ होती उनके इस्तीफ़े की मांगों के बीच, पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव आज़म ख़ान के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं.

उन्होंने कहा है कि आज़म ख़ान उनसे कभी दुखी नहीं हो सकते हैं.

सपा के मुस्लिम नेता आज़म खान पार्टी की आगरा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकरिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए थे. जिसे लेकर ये कहा जा रहा था कि वो मुज़फ़्फ़रनगर जाट-मुस्लिम दंगो में अखिलेश यादव सरकार के उठाए गए क़दमों से खुश नहीं हैं.

हालांकि ऐसी ख़बरे भी आई थीं कि वो बीमार हैं और इसी वजह से आगरा बैठक में शामिल नहीं हो पाए.

मुलायम सिंह यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह के आरोप पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया था कि सपा उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक राजनीति कर रही है.

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि 2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिला. लेकिन उत्तर प्रदेश में उन्हें इंसाफ़ ज़रूर मिलेगा. मुलायम सिंह यादव गुरुवार को आगरा में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारणी की दो दिवसीय बैठक खत्म होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे.

कार्रवाई की मांग

आज़म सिंह के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होने के मामले पर उन्होंने आज़म ख़ान का बचाव किया.

मुलायम सिंह यादव का यह बयान उनके भाई और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के इस बयान के बाद आया है कि अगर जिम्मेदारियां नहीं निभा सकते हैं तो आज़म ख़ान को पार्टी छोड़ देनी चाहिए.

आज़म ख़ान को समाजवादी पार्टी का मुस्लिम चेहरा माना जाता है. वे मुजफ्फरनगर के प्रभारी मंत्री भी हैं, जहाँ पिछले दिनों हुए सांप्रदायिक दंगों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

पार्टी के एक दूसरे नेता का बयान भी मुलायम सिंह के बयान से मिलता जुलता नज़र आया. वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने कहा,''कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं है.''

अग्रवाल ने कहा, ''अखिलेश मुख्यमंत्री हैं और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) नेता, यहाँ कोई और बड़ा नेता नहीं है.''

पद की गरिमा

रामगोपाल यादव ने पहले कहा था, ''अगर वो पद की गरिमा को नहीं समझते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. आजम खान को या तो पार्टी लाइन पर चलना चाहिए या पद छोड़ देना चाहिए. इस तरह के व्यवहार से वो अपना कद खुद ही कम कर रहे हैं.''

पार्टी के एक और मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले अबू आज़मी ने बुधवार को आगरा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कहा था कि आने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी को इन दंगों की कीमत चुकानी पड़ेगी.

उन्होंने कहा था कि पार्टी को मुफ्त में लैपटॉप बांटने की जगह, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर देना चाहिए. उल्लेखनीय है कि लैपटॉप वितरण राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी योजना है.

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