मुज़फ़्फ़रनगर हिंसाः मृतकों की संख्या 38

  • 11 सितंबर 2013
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिन से जारी सांप्रदायिक दंगों में सरकारी अधिकारियों के मुताबिक़ अब तक कुल मिलाकर 38 लोग मारे गए हैं और 67 लोग घायल हुए हैं.

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स के महानिरीक्षक आशीष गुप्ता ने बीबीसी को बताया, "सिर्फ मुज़फ़्फ़रनगर में 34 लोग मारे गए हैं और आसपास के इलाक़ों में चार लोगों की हत्या हुई है."

उन्होंने कहा कि दंगाग्रस्त मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के तीन थाना क्षेत्रों- नई मंडी, सिविल लाइंस और कोतवाली - में कर्फ़्यू अब भी जारी है, पर इसमें दोपहर 12 बजे से शाम पाँच बजे तक छूट दी जाएगी.

इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सत्ताधारी समाजवादी पार्टी ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी का गुजरात मॉडल अपनाना चाहती है.

आरोप

सपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने कहा, '"उत्तर प्रदेश में भाजपा का कोई अस्तित्व नहीं रह गया है. यही वजह है कि वह साम्प्रदायिक तनाव पैदा कर रही है."

उन्होंने कहा कि सपा के मुस्लिम वोट बैंक को कमजोर करने की साज़िश की जा रही है, लेकिन मुसलमान इसे अच्छी तरह समझते हैं और पूरी तरह पार्टी के साथ हैं.

इस बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि मुज़फ़्फ़रनगर के कुछ अधिकारियों ने ढीला रवैया दिखाया और हिंसा के बारे में समय पर सूचना नहीं दी.

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अखिलेश यादव सरकार ने दो दिन के भीतर ही स्थिति को काबू में कर लिया.

इससे पहले भाजपा ने कहा था कि मुज़फ़्फ़रनगर हिंसा में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है कि यह किसका किया-धरा है और स्थिति के सामान्य होने के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी.

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