मुज़्फ़्फ़रनगर में आज कोई हिंसा नहीं हुई: प्रशासन

  • 9 सितंबर 2013
अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा

उत्तर प्रदेश के तनावग्रस्त मुज़फ़्फ़नगर जिले में प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में सोमवार को कोई सांप्रदायिक घटना नहीं हुई जबकि राज्य के मख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि हालात को काबू किया जाएगा.

मुज़फ़्फ़रनगर के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने स्थिति के बारे में बीबीसी को बताया, “बिल्कुल शांतिपूर्ण है. आज कोई घटना नहीं घटी है. दरअसल कल दोपहर से ऐसी कोई सांप्रदायिक घटना नहीं हुई जिसमें किसी की मौत हुई हो.”

उन्होंने बताया कि दो शव बरामद हुए हैं जिनकी अभी पहचान नहीं हुई है. उनके अनुसार एक शव नहर से मिला जबकि दूसरा एक बाग से.

कौशल राज ने बताया कि अब तक इस हिंसा में 28 लोग मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है.

उन्होंने कहा कि इलाके में लगे कर्फ्यू में ढील के बारे में कोई फैसला मंगलवार शाम को समीक्षा के बाद ही किया जाएगा.

विपक्ष पर आरोप

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में चौतरफ़ा आलोचना का शिकार हो रहे उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्ष पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है.

उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की विपक्ष की मांग का जवाब देते हुए विपक्ष को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल राजनीतिक फ़ायदे के लिए छोटे से विवाद को बढ़ा रहे हैं.

राजनीतिक दल अखिलेश सरकार को इस मामले में पूरी तरह विफल बताते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं.

अपनी कड़ी आलोचना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सोमवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के लिए आगे आए.

मुस्लिम टोपी पहने हुए अखिलेश ने कहा, "प्रधानमंत्री से भी हमारी बात हुई है, बाकी सबकी तरह उन्हें भी, हमने यकीन दिलाया है मुज़फ़्फ़रनगर में जो हो रहा है वह काबू में आएगा. जो दोषी हैं, जो सांप्रदायिक दंगा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो भाईचारा ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी."

सरकार की प्राथमिकता

विपक्षी दलों की राष्ट्रपति शासन की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे राजनीतिक दल लगातार इस कोशिश में हैं कि जो छोटा सा विवाद भी हो उसे बढ़ाएं.

अखिलेश यादव ने कहा, "यह सिर्फ़ आरोप नहीं है, यह सच्चाई है."

मुज़फ़्फ़रनगर दंगे सेना
स्थिति को काबू करने के लिए मुज़फ़्फ़रनगर में सेना को तैनात किया गया है

हाल ही में हुई महापंचायत के बारे में सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने सीधे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

लेकिन उन्होंने कहा कि खुद को कानून से ऊपर समझने वाले सभी समूहों पर और गड़बड़ी की आशंका की ख़बर मिलने पर ऐसी किसी भी चीज़ पर रोक लगेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार की ज़िम्मेदारी अभी मुज़फ़्फ़रनगर में शांति-व्यवस्था कायम करने और जो नुकसान हो चुका है उसे वहीं रोकने की है."

दंगों को रोकने में प्रशासनिक विफलता के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, "जिन अधिकारियों पर कार्रवाई करनी थी, जिन्हें हटाना था, उन्हें सरकार ने हटा दिया है और नए अधिकारियों को मौका दिया है कि वह स्थिति को ठीक करें."

इस बीच लंबे समय तक मुज़फ़्फ़रनगर में तैनात रहे प्रवीण कुमार को नया एसएसपी बनाया गया है.

वो सुभाष दुबे की जगह लेंगे जिन्हें दंगों के बाद हटा दिया गया है.

'विपक्ष का सहारा'

एक पत्रकार ने पूछा कि सरकार अपनी विफलता को छुपाने के लिए विपक्ष का सहारा कब तक लेती रहेगी?

इसका जवाब राज्य के नगर विकास मंत्री आज़म ख़ान ने दिया. उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष का सहारा नहीं ले रही है बल्कि उसकी असलियत बता रही है.

आज़म ख़ान ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश को बर्बाद करना चाहता है.

मुज़फ़्फरनगर में हुई हिंसा के लिए लगातार उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है. जमीनी स्तर पर जहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, वहीं उन पर लगातार राजनीतिक हमले हो रहे हैं.

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